Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार

Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार

Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार

लकवा रोग की समस्या बहुत ही गंभीर समस्या बनती जा रही है। लकवा के रोग के कारण इंसान की जिंदगी अपाहिज हो जाती है। सही मायने में यदि देखा जाए तो एक लकवा पीड़ित मरीज को अपने जीवन से घृणा तक हो जाती है। जिसके कारण लकवा पीड़ित रोगी को जीवन जीने के कई सारी समस्याओ का सामना करना पड़ता है। आज मै आप सभी को लकवा के बारे में विस्तार से बताने जा रहा हूं। आइए सबसे पहले हम जानते हैं। कि लकवा होता क्या है। लकवा का मतलब है शरीर के किसी अंग की मांसपेशियों को पूर्ण रूप से कार्य न कर पाना पैरालिसिस या लकवा कहलाता है। (Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार)

इसे अंग्रेजी में हम पैरालिसिस के नाम से जानते हैं। और हिंदी में इसे लकवा और पक्षाघात के नाम से जाना जाता हैं। अगर सही मायने में जाने तो लकवा अर्थात पक्षाघात के रोग को पूर्ण रूप से सही कर पाने में बहुत मुश्किल होता है। यदि किसी भी इंसान लकवा के रोग से ग्रसित है। तो ऐसे स्थिति में काफी इलाज के बाद भी लकवा रोग को पूर्ण रूप से सही कर पाना मुश्किल होता है। लेकिन यदि लकवा रोग के होने से पहले हम इसके लक्षण को जान जाएं। तो इसके रोकने के बहुत सारे उपाय हैं। जिनके बारे में आज हम विस्तार से जानेंगे। लकवा रोग में प्रायः देखा जाता है कि रोगी के शरीर का कोई एक अंग पूर्ण रूप से काम नहीं कर पाता है।

लकवा के रोग से ग्रसित रोगी के चाहने के बाद भी वह अपने उस अंग को ना तो हिला पाता है। ना उसे किसी तरह का काम कर पाता है। पैरालिसिस अथवा लकवा रोग को पूर्ण रूप से सही करने के लिए मरीज को धैर्य से काम लेना चाहिए। यदि अंग की संवेदना कमजोर हो जाती है। तो लकवा को सही करने में काफी समय लग जाता है। यदि लकवा के समस्या को सही समय पर उपचार नहीं किया जाए तो रोगी को एक अपाहिज की जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो जाना पड़ता है। इसी कारण से लकवा अर्थात पैरालिसिस के रोग को सही समय पर उपचार करना अति आवश्यक है। यदि समय रहते ही हम लकवा अर्थात पैरालिसिस के रोग को उपचार करना शुरू कर देते हैं। (Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार)

तो हम पूर्ण रूप से लकवा अर्थात पैरालिसिस के बीमारी को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं। जैसा की आप सभी को पहले से पता है। कि आयुर्वेदिक दवाइयों में किसी भी रोग को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। इसी प्रकार से लकवा और पैरालिसिस के गंभीर समस्या को भी आयुर्वेदिक दवाइयों की सहायता से पूरी तरह से सही किया जा सकता है। शायद आप सभी ने बाबा रामदेव का नाम अवश्य सुना होगा। अगर आप बाबा रामदेव के बारे में जानते हैं। तो शायद आप लोगों को यह भी पता होगा कि बाबा रामदेव एक लकवा के मरीज थे। और उन्होंने अपने नियमित योग और आयुर्वेदिक उपचार की मदद से खुद को लकवा के रोग से छुटकारा दिलाया है।

लेकिन यदि किसी भी इंसान के शरीर के अंदर लकवा का रोग ग्रसित हो चुका है। तो ऐसे इंसान को धैर्य रखना अति आवश्यक है। क्योंकि लकवा रोग को आसानी से दूर नहीं किया जा सकता। इसे दूर करने के लिए हमें नियमित दवाइयों का और योग करना आवश्यक है। आइए हम जानते हैं कि लकवा अर्थात पैरालिसिस होने का मुख्य कारण क्या है। यदि कोई व्यक्ति अपने शरीर की क्षमता से अधिक कार्य करता है। तो ऐसी व्यक्तियों को लकवा अर्थात पैरालिसिस के रोग के होने की संभावना ज्यादा होने लगता है। अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक कार्य कभी नहीं करना चाहिए। (Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार)

यदि किसी व्यक्ति के किसी विशेष अंग की पुरानी चोट की वजह से बार-बार सूजन आ जा रहा है। तो यह भी एक मुख्य कारण लकवा अर्थात पैरालिसिस का हो सकता है। अधिक यौन संबंध बनाने के कारण भी कभी-कभी इंसान को लकवा का शिकार होना पड़ता है। ऐसे व्यक्ति जिसका बचपन से ही कोई खास अंग बहुत कमजोर हो और उसका उपचार बचपन से ध्यान से नहीं किया गया हैं। तो ऐसे कारण से भी शरीर के अंदर लकवा पैरालिसिस का लोग प्रभावित करने लगता है। सबसे गंभीर कारण दिमाग में ज्यादा टेंशन मस्तिष्क में रक्त का फटना और मस्तिष्क में रक्त का सुचारु रुप से प्रवाहित ना होना लकवा का प्रमुख लक्षण माना जाता है।

यदि कोई व्यक्ति लकवा पैरालिसिस या पक्षाघात के रोग से ग्रसित है। तो इसे हम आसानी से पहचान सकते हैं। लकवाग्रस्त रोगी के एक तरफ के सभी अंग काम करना बंद कर देता है। लकवा रोग के लक्षण में संभव है की किसी भी व्यक्ति के बाएं तरफ के सारे अंग काम करना बंद कर दें। या हो सकता है यह किसी व्यक्ति के दाएं तरफ का सभी अंग काम करना बंद कर देगी। दोनों लक्षण लकवा अर्थात पैरालिसिस के हो सकते हैं। हालांकि डॉक्टरों का यह मानना है कि लकवा में हमारे शरीर के किसी एक तरफ का अंग काम करना बंद कर देता है। लेकिन इस अंगों में किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होती। परेशानी हमारे दिमाग से उत्पन्न होती है। क्योंकि हमारे अंगो की चेतना मस्तिक तक पहुंचना बंद हो जाता है। (Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार)

लकवा के रोग के कारण मरीज के शरीर के अंदर अंगों का टेढ़ा होना शरीर में गर्मी की कमी और कुछ याद रखने की क्षमता भी खत्म हो जाती है। लकवा के रोगी को बार बार एक ही चीज को याद दिलानी होती है। वह किसी भी चीज को याद रखने में असमर्थ हो जाते हैं। बार-बार एक ही चीज को याद दिलाने के बाद भी वह उस चीज को भूल जाते हैं। यह सभी लक्षण लकवा के हो सकते हैं। सही मायने में यदि देखा जाए तो लगवा अर्थात पैरालिसिस को पूर्ण रूप से आयुर्वेदिक उपचार और योग की सहायता से जड़ से खत्म किया जा सकता है। लकवा के मरीज को रोजानाप्राणायाम और कपालभाति करना अति आवश्यक है। (Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार)

यदि लकवा से पीड़ित मरीज प्रतिदिन कपालभाति करते हैं। तो इनके शरीर में लकवा के लक्षण धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। लकवा की आयुर्वेदिक उपचार के लिए लकवा से पीड़ित मरीज को प्रतिदिन खजूर को दूध में भिगोकर इनका सेवन करवाना चाहिए। दूध में खजूर को रात में फूलने के लिए छोड़ देना है। और सुबह नाश्ते के समय इस दूध और खजूर का सेवन प्रतिदिन करने से शरीर के अंदर लकवा के लक्षण को काफी मात्रा में कम किया जा सकता है। आप सभी ने अदरक का नाम अवश्य सुना होगा। अदरक प्रत्येक दिन हमारे रसोईघर में उपयोग किया जाने वाला पदार्थ है। सोंठ अदरक और उड़द को पानी में मिलाकर हल्की आंच पर गर्म करने और इसे नित्य सेवन करने से लकवा में बहुत ज्यादा सुधार आता है।

आइए अब हम अगले नुस्के के बारे में जानते है जिसके सेवन करने से हम अपने शरीर के अंदर हो रहे लकवा अर्थात पैरालिसिस के रोग को जड़ से खत्म करने में सफल साबित हो सकते हैं। आप सभी ने नाशपति का सेवन अवश्य किया होगा। नाशपाती और अंगूर का रस बराबर मात्रा में गिलास में मिला लें। और प्रतिदिन पैरालिसिस के रोगी को इस जूस का सेवन करवाएं। इसके सेवन करने से शरीर के अंदर लकवा के रोग को काफी मात्रा में कम किया जा सकता है। अब हम अगले नुस्खे के बारे में जानते हैं। एक चम्मच काली मिर्च के पाउडर को 3 चम्मच देशी गाय के घी के साथ मिलाकर इसका लेप बना ले। (Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार)

लेप बन जाने के उपरांत इसे लकवा ग्रसित रोगी को उस अंगों पर मालिश करें। जहां लकवा के लक्षण नजर आ रहे है। 15 से 20 दिन लगातार इस लेप का उपयोग करने से रोगी के उस अंग में काफी सुधार आने लगता है। करेला की सब्जी अथवा करेले का रस के सेवन करने से लकवा से प्रभावित लोगों को काफी सुधार किया जा सकता है। लकवा से पीड़ित रोगी को प्रतिदिन करेले की सब्जी या करेले का रस का सेवन करें। लकवा से पीड़ित रोगी को करेले का सेवन किसी भी तरीके से अवश्य करवाना चाहिए। प्याज के अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए। प्याज की अधिक मात्रा में सेवन करने से लकवा से पीड़ित रोगी को काफी सुधार प्राप्त होता है। (Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार)

प्याज के अंदर बहुत सारे ऐसे औषधीय गुण मौजूद हैं। जिसके उपयोग से ना केवल अपने शरीर के अंदर उठ रहे पैरालिसिस और लकवा के रोग को सही कर सकते हैं। साथ ही साथ प्याज के नियमित सेवन से हमारे किडनी दिल की बीमारी और रक्त संबंधित बीमारियों में भी काफी फायदा प्राप्त होता है। यदि आप सभी को लकवा अर्थात पैरालिसिस के बारे में दी गई जानकारी पसंद आई हो तो आप इसे शेयर अवश्य कर दें। ताकि उन सभी जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके जो लकवा के गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। (Paralysis लकवा पक्षाघात के लक्षण कारण और उपचार)

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