Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव से उपचार की जानकारियां

Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव

Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव से उपचार की जानकारियां 

गठिया रोग को अर्थराइटिस का रोग भी कहा जाता है। भारत में इसे अधिकांश लोग गठिया के रोग के नाम से जानते हैं। गठिया रोग एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जो एक स्वस्थ इंसान को विकलांग बना देती है। एक बार यदि किसी स्वस्थ इंसान को भी गठिया रोग जैसे खतरनाक रोग  पकड़ ले तो इंसान जीते जी विकलंगो की जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो जाता है। गठिया रोग किसी भी इंसान को अपनी चपेट में आसानी से ले सकता है। यदि एक बार किसी इंसान को गठिया रोग का लक्षण उसके शरीर में आ गया तो जिंदगी भर उस इंसान को इसके दर्द से जूझना पड़ता है। एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जिसमें इंसान के शरीर के अंदर इतना दर्द उत्पन्न हो जाता है कि वह उसे बर्दाश्त नहीं कर पाता। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

गठिया रोग इंसान के शरीर के अंदर यूरिक एसिड के जमा हो जाने से होता है। सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं कि यूरिक एसिड होता क्या है। यूरिक एसिड हमारे कई तरह के खाना खाने से हमारे शरीर के अंदर उत्पन्न होता है। अधिकांश यूरिक एसिड बढ़ने का कारण हमारे शरीर के अंदर हमारे द्वारा किए गए भोजन पर ही निर्भर करता है। यूरिक एसिड की अधिक मात्रा में हमारे शरीर में जमा हो जाने से इंसान के शरीर के अंदर रीढ़ की हड्डियों में दर्द शरीर की हड्डियों में सूजन हड्डी मुड़ जाना इत्यादि संभव हो जाता है। गठिया रोग को अगर सुरुवतीदौर में सही कर लिया जाए तो इसे आसानी से सही किया जा सकता है

Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव
Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव

यह अनुमान लगा पाना एक स्वस्थ इंसान के लिए बड़े ही असंभव की बात है। अतः यदि आपने किसी गठिया रोग से पीड़ित मरीज को देखा होगा तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि एक गठिया रोग से पीड़ित मरीज को किन-किन परिस्थितियों से अपने जीवन को गुजारना पड़ता है। इंसान के शरीर के अंदर गांठ पड़ जाती है। यह एक मुख्य कारण कि है कि इस रोग को गठिया रोग का नाम दिया गया है। अंग्रेजी में गठिया रोग को अर्थराइटिस भी कहा जाता है। अर्थराइटिस और गठिया रोग दोनों एक ही रोग का नाम है जो सामान्यतः किसी भी इंसान के अंदर हो सकता है। अक्सर देखा जाता है कि गठिया अर्थात अर्थराइटिस के रोग जयादातर जयादा उम्र के लोगों को आसानी से अपनी चपेट में ले लेता है। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

लेकिन अभी के समय में यह कहना मुश्किल है कि यह सिर्फ ज्यादा उम्र के लोगों के अंदर ही पाया जाता है। आजकल के समय में गठिया रोग के लक्षण जवान बूढ़े बच्चे महिलाएं सभी में समान रुप से देखी जा रही है। जैसा की मैंने आप सभी को पहले भी बताया है कि गठिया रोग का मुख्य कारण हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड का जमा होना है। मैं अब आपको बताता हूं कि हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड जमा कैसे होता है। यूरिक एसिड का जमा होना हमारे खाद्य पदार्थ अर्थात हमारे भोजन पर निर्भर करता है। यूरिक एसिड ऐसा कोई बाहरी पदार्थ अथवा कोई बाहरी बीमारी अथवा कोई भी बाहरी तत्व नहीं है। जो हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करके हमारे शरीर के अंदर गठिया अर्थात अर्थराइटिस जैसे रोग को उत्पन्न करता है।

यूरिक एसिड हमारे द्वारा किए गए भोजन से ही हमारे अंदर निर्माण होता है। हम किसी भी तरह के भोजन को करते हैं तो उससे हमारे शरीर के अंदर एक कम मात्रा में एसिड का निर्माण होता है। वहीं पर कुछ ऐसे भोजन भी हैं जिनके ज्यादा सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में बनने लगते हैं। खट्टे पदार्थ के सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर ज्यादा मात्रा में यूरिक एसिड का निर्माण होने लगता है। यूरिक एसिड कितना खतरनाक हो जाता है यह आप पंक्तियों में आसानी से समझ सकते हैं। समान मात्रा में हमारे शरीर के अंदर जब यूरिक एसिड मौजूद होता है तो यह हमारे शरीर के अंदर किसी भी तरह के हानि नहीं पहुंचाते हैं। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव
Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव

लेकिन जब यूरिक एसिड की मात्रा समान मात्रा से हट के आगे चली जाती है अर्थात समान मात्रा से हटके ऊपर आ जाती है तब यह हमारे शरीर के अंदर गठिया रोग अर्थात अर्थराइटिस जैसे रोगों को उत्पन्न कर देती है। यूरिक एसिड के जयादा मात्रा में बनने से गठिया रोग हमारे शरीर के अंदर अपना प्रभाव डाल सकती है। जैसा कि आप सभी जानते हैं हमारे शरीर के अंदर बहुत सारी हड्डियों का ढांचा है बहुत सारे हड्डियों का जोड़ है और गठिया रोग इन जोड़ों पर अपना प्रभाव आसानी से डालती है। मरीज के सरीर के अंदर इन जोड़ों की वजह से ही अपने हाथ अपने पांव अपने कमर अथवा गले को आसानी से हिला और घुमा सकते हैं। लेकिन जब गठिया रोग का प्रभाव हमारे इन जोड़ों पर पड़ता है तो इन जोड़ों में सूजन दर्द और अकड़न आने लगता है। जिसमें इंसान का उठना-बैठना घूमना इत्यादि सभी बड़ी मुश्किल से हो पाता है।

यदि कोई रोगी इन रोग से ग्रसित है तो ऐसे में उस इंसान को एक जगह से दूसरी जगह चलकर जाना भी बड़े कठिन साबित हो जाता है। यूरिक एसिड हमारे शरीर के अंदर हमारे हड्डियों के जोड़ के पास जाकर जमा होने लगता है चाहे वह जोड़ हाथ का हो पैर का हो या किसी अन्य जगह का हो यूरिक एसिड जाकर आसानी से जमा हो जाता है। जब यूरिक एसिड हमारे हड्डियों के गांठ के पास जमा होने लगता है। धीरे-धीरे यूरिक एसिड का जमा होना हमारे शरीर के अंदर अर्थराइटिस अथवा गठिया रोग का निर्माण कर देता है। अधिकांश लोग गठिया रोग को अर्थराइटिस के नाम से ही जानते हैं गठिया रोग भी दो तरह के होते हैं। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

जो पहले नंबर पर आता है उसे कहते हैं अस्थिसंधिशोथ अस्थि संधि शोथ गठिया के लोगों में से एक रोग है जिसे रोग गठिया रोग के नाम से ही जानते हैं। दूसरे नंबर पर आता है रुमेटीसंधिशोथ यह दो तरह के गठिया रोग हैं जिसे अधिकांश लोग एक ही नाम से जानते हैं गठिया रोग अर्थात अर्थराइटिस। इन दोनों लोगों को इंग्लिश में ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटाइड अर्थराइटिस भी कहा जाता है।

अब मैं आप सभी को बताता हु की गठिया रोग क्यों होता है किन कारणों से होता है इसके बारे में विस्तार से बताता हूं। गठिया रोग के मुख्य कारण शरीर के अंदर पोषक तत्व कमी। हमारे शरीर के अंदर पोषक तत्वों की कमी होती है पोषक तत्व की कमी से हमारे शरीर के अंदर गठिया रोग बड़ी आसानी से हमारे शरीर को प्रभावित करने लगते हैं। पोषक तत्वों की कमी के साथ हमारे शरीर के अंदर आयरन और कैल्शियम की अधिकता भी शरीर के अंदर गठिया रोग जैसे रोग का प्रभाव आरंभ कर देता है। साधारण भाषा में कहा जाए तो हमारे शरीर के अंदर पोषक तत्वों की कमी होने के कारण भी हमारे शरीर के अंदर गठिया रोग बड़ी आसानी से हमें अपनी चपेट में जकड़ लेते हैं। शरीर के अंदर कैल्शियम की अधिकता और आयरन की अधिकता भी हमारे शरीर को गठिया रोग जैसी खतरनाक बीमारियों का शिकार बना देते हैं। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव
Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव

मोटापा के कारण भी हमारे शरीर के अंदर गठिया रोग जैसे खतरनाक बीमारियों का प्रारंभ हो जाता है। आप सभी जानते हैं मोटापा के कारण हमारे शरीर के अंदर ना केवल गठिया रोग बल्कि बहुत और ऐसे रोग हैं जो आसानी से हमारे शरीर को अपनी चपेट में ले लेते हैं। अतः आप सभी कोशिस करे कि आप कभी भी अपने शरीर के अंदर फैट का जमा होना ना दें। फैट के जमा होने से हमारे शरीर के अंदर मोटापा बढ़ने लगता है और मोटापा बढ़ने के कारण ना केवल गठिया जैसे खतरनाक लोग बल्की बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो हमारे शरीर को अपनी चपेट में ले लेते हैं। यदि कोई मोटा इंसान शराब का सेवन करता है। पहले से ही ब्लड प्रेशर जैसी खतरनाक बीमारियों के लक्षण हैं ऐसे इंसान को गठिया रोग होने की संभावना ज्यादा होती है।

शरीर के अंदर किडनी का सही से काम ना करना भी गठिया रोग का प्रमुख कारण हो सकता है। मैंने अपने पिछले पोस्ट में किडनी से संबंधित बहुत सारी महत्वपूर्ण जानकारियां बता रखा है। यदि आप किडनी से संबंधित किसी प्रकार की कोई जानकारी जानना चाहते हैं तो लिखे हुए पोस्ट को अच्छे से अध्ययन करें। जैसा की मैंने आप सभी को बताया है कि किडनी के सही तरीके से काम ना करने पर हमारे शरीर के अंदर गठिया जैसे खतरनाक रोग का आगमन होने लगता है।

हमें कभी भी अपने खाने में बाजारों खाने का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जो खाना डब्बे में पैक होकर आते हैं अर्थात बंद खाना कहते हैं ऐसे बहुत सारे खाना ऐसे हैं जो बासी और दूषित हो जाते हैं। डिब्बाबंद खानों पर कभी भी सेवन ना करें। और हमेशा कोशिश करें कि डिब्बाबंद जैसे खानों से बचाव करें। अभी बासी भोजन का सेवन ना करें फास्ट फूड जंक फूड कोल्ड ड्रिंक्स आदि के सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर उपस्थित हड्डियां कमजोर पड़ने लगती है।(Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि गठिया का रोग हड्डियों से संबंधित है। यह अपना प्रभाव हमेशा हमारे हड्डियों के ऊपर ही जमाता है। तो आप कोशिश करें कि आपके शरीर के अंदर हड्डियां कमजोर ना हो पाएं। अब कभी भी बाजार के खाने डिब्बाबंद खाने बासी खाने दूषित खाने फास्ट फूड जंक फूड चौमिन बर्गर डोसा इत्यादि कभी भी बाजार से ना सेवन करें। के सभी प्रकार के आपके शरीर के अंदर गठिया जैसे खतरनाक रोग को प्रारंभ करने में उसकी मदद करता है।

Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव
Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव

आजकल की भागदौड़ के जीवन में इंसान थका-हारा जब अपने घर आता है तो खाना खाने के बाद तुरंत अपने बेड पर चला जाता है। यह एक बहुत ही गलत तरीका है हमारे शरीर को बीमार करने के लिए। आप भूलकर भी यह काम अपने जीवन में कभी ना करें। भोजन करने के तुरंत बाद हमें आराम करने की आदत को अपने जीवन से हटाना अति आवश्यक है। यदि आप इन लक्षणों से ग्रसित हैं तो आप के अंदर ना केवल गठिया बल्कि बहुत सारे ऐसे विकार है जो आसानी से आपको ग्रसित हो जाएंगे। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

आप हमेशा कोशिश करें जब भी आप भोजन करें तो कुछ देर टहलने की आदत अपने जीवन में डालें। भोजन करने के बाद टहलने से हमारे शरीर बहुत स्वस्थ रहते हैं। शरीर के अंदर पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हमारे जीवन में ज्यादातर बीमारियां हमारे पाचन तंत्र के कारण ही होता है। अतः मनुष्य के जीवन में उसके पाचन तंत्र की भूमिका बहुत ज्यादा अहम मानी जाती है। इस कारण से सभी मनुष्य को अपने पाचन तंत्र की देखभाल सही तरीके से करनी चाहिए।

अर्थराइटिस एवं गठिया दोनों ही एक ही विकार के नाम है मैंने आपको यह बात पहले ही बता रखा है। अब मैं आपको आर्थराइटिस से बचाव के उपाय को विस्तार में बताता हूं। ऐसे तो गठिया के उपचार के लिए बाजार में बहुत सारे ऐसे दवाइयां उपलब्ध है जिससे दावा किया जाता है कि गठिया का उपचार इससे आसानी से किया जा सकता है। यह बात सही है कि अस्थाई तौर पर गठिया के दर्द को कम करने के लिए बहुत सारे लोग पेन किलर का उपयोग करते हैं बाजार में मौजूद बहुत सारी ऐसी दवाई है

जिससे गठिया का स्थाई इलाज तो किया जा सकता है। लेकिन शायद आपको यह बात पता नहीं है कि दर्द के दौरान लिए गए पेन किलरके सेवन से हमारे शरीर के अंदर किस तरह की नए विकार उत्पन्न होने लगते हैं। पेन किलर के ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर उपस्थित किडनियां खराब होने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती है। जब भी हम कोई बाजार उन दवाइयों का सेवन करते है जिससे गठिया जैसे रोग में अपने दर्द को या अपने शरीर को सही करने के लिए करते हैं ऐसे में उस दवाई का बहुत सारे साइड इफेक्ट हमारे शरीर के अंदर अन्य नए विकारों को उत्पन्न करने में बहुत बड़े कारन बन सकते है। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

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उचित आहार के सेवन से हमारे शरीर को भी स्वस्थ बनाया जा सकता है। हमेशा हमें अपने भोजन में उचित आहार और संतुलित आहार का सेवन ही करना चाहिए। हरे सब्जियों का सेवन विटामिन युक्त होता है अतः हमें अपने भोजन में हरी सब्जियों का सेवन अवश्य करना चाहिए। अपने जीवन में योग की आदत भी डालना अति आवश्यक है। व्यायाम से हमारे जीवन में बीमारियों का भी समाधान किया जा सकता है। योग एक ऐसा साधन है जिसके जरिए बड़ी से बड़ी समस्याएं हमारे शरीर को छू तक नहीं पाती।

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शुरुआती दौर में किया गया उपचार आपको गठिया के रोग से निजात दिला सकता है। यदि शुरुआती दौर में आप गठिया को अनदेखा करते हैं तो यह लाइलाज बीमारी भी बन सकता है। गठिया एक ऐसा रोग बन सकता है जो आपके जीवन में आपके जीवन भर का साथी बन जाएगा। एक बार गठिया विस्तृत रूप से आपके शरीर के अंदर फैल गया तो फिर इसका कोई इलाज कर पाना असंभव हो जाता है। अतः आप कोशिश करें कि अपने जीवन में गठिया के शुरुआती दौर में गठिया को योग व्यायाम औषधियों से सही कर ले। गठिया जैसे खतरनाक रोग को लाइलाज बीमारी न बनने दें।

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ऐसे तो बाजार में बहुत सारी ऐसी दवाइयां उपलब्ध है जिससे आप गठिया रोग को आसानी से सही कर सकते हैं। लेकिन बाजार में मिल रहे हैं गठिया रोग को सुधार करने के लिए जो भी दवाइयां उपलब्ध हैं। उन के सेवन से इंसान के शरीर के अंदर बहुत तरह के साइड इफेक्ट होने की संभावना बढ़ जाती है। कभी-कभी ऐसा भी होता है एक तरह के उपचार करने के लिए कोई बाजार में दवाइयों का सेवन करते हैं। तुम्हारे शरीर के अंदर कई अन्य विकार भी उत्पन्न हो जाते हैं।

अब मैं आपको बताने जा रहा हूं कि कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे के बारे में जिसके सेवन करने से आपके शरीर के अंदर गठिया का रोग हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। प्रकृति द्वारा दिए गए औषधि में सभी रोगों का निवारण बताया गया है। बस आपको पता होना चाहिए कि किस चीज के सेवन करने से उसे किस तरह की बीमारी से छुटकारा प्राप्त हो सकता है। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

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अदरक के सेवन से आप गठिया जैसे खतरनाक रोगों से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। अदरक के अंदर मौजूद योगिक गुण गठिया के रोग को जड़ से खत्म करने में मरीजों की बहुत ज्यादा मदद करता है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि अदरक का उपयोग में अपने दैनिक जीवन में प्रतिदिन किसी न किसी रूप में करते हैं। अदरक के सेवन करने से हमारे शरीर में किसी भी तरह की कोई परेशानी या दुष्प्रभाव उत्पन्न नहीं होता है। बहुत सारे योगिकगुण होने के कारण अदरक कई तरह की दवाइयों बनाने में भी काम आता है।

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अतः हम अदरक का उपयोग आसानी से कर सकते हैं। अदरक को उपयोग में लाने से पहले अदरक को सुखा लें। सूखे हुए अदरक को पीसकर उसका पाउडर बना लें। अदरक के पाउडर बन जाने के बाद 5 चम्मच अदरक के पाउडर में 5 चम्मच जीरा का पाउडर मिलाएं। इन दोनों पाउडर को अच्छी तरह से मिला लें इनके मिलाने के बाद इसमें दो चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाएं। इन सभी पाउडर को अच्छी तरह से मिलाकर किसी भी डब्बे में सुरक्षित रख लें। रोजाना आधे चम्मच पाउडर का सेवन एक गिलास ठंडे पानी के साथ अवश्य करें। आधे चम्मच पाउडर के सेवन करने से आपके शरीर के अंदर मौजूद गठिया रोग के लक्षण अथवा गठिया रोग की परेशानी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

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गठिया जैसे खतरनाक रोगों को आप जैसे समाप्त करने के लिए हल्दी का उपयोग करें। हल्दी के अंदर मौजूद ऐसे लाभकारी गुण हैं। जो गठिया जैसे खतरनाक रोगों को भी खत्म होने में सफल साबित हो सकता है। हल्दी के अंदर मौजूद दर्द निरोधक गुण के कारण शरीर के अंदर उपस्थित दर्द को भी कम किया जा सकता है। हल्दी ना केवल हमारे शरीर के अंदर दर्द को ही कम करता है बल्कि यह हमारे शरीर के अंदर उपस्थित सूजन को भी समाप्त करने में हमारी मदद करता है। अतः यदि किसी भी इंसान को गठिया रोग के कुछ लक्षण नजर आ रहे हैं तो उस इंसान को हल्दी का सेवन अवश्य करना चाहिए। हल्दी के सेवन करने से ना केवल इंसान के अंदर गठिया जैसे रोगों में भी आराम मिलता है बल्कि बहुत ऐसे लोग भी हैं जिसमें हल्दी के सेवन से शरीर को राहत मिलता है। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

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गठिया रोग से पीड़ित मरीजों को शुद्ध सरसों तेल की मालिश का भी उपयोग अपने शरीर के ऊपर अवश्य करना चाहिए। सरसों तेल की मालिश से शरीर के अंदर गठिया रोग में भी फायदा पहुंचता है। इससे शरीर के रक्त संचार भी अच्छे तरीके से हो पाता है। अतः गठिया रोग से पीड़ित मरीजों को प्रतिदिन दो से तीन बार प्रतिदिन सरसों के तेल की मालिश अवश्य करना चाहिए। सरसों के तेल के लगातार मालिस से आपके शरीर के अंदर उपस्थित दर्द अथवा जोड़ों में अकड़न भी बहुत जल्दी दूर होने लगता है। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

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गठिया रोग से ग्रसित मरीजो को लहसुन का सेवन में बढ़ोतरी करनी चाहिए। यदि आप लहसुन का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करेंगे तो आपके शरीर के अंदर उपस्थित गठिया रोग जड़ से खत्म हो सकती है। लहसुन को उपयोग में लाने के लिए आपको गा 10 कलियां लहसुन को डालकर 15 मिनट तक गर्म करना होगा। दूध को गर्म हो जाने के बाद इसे गर्म दूध का सेवन ना करें। दूध को ठंडा होने दें प्रतिदिन इसी तरह एक गिलास दूध में 10 लहसुन की कलियां को रख कर गर्म करें और इसे ठंडा होने के बाद इसका सेवन करें। इसके लगातार सेवन से आपके शरीर के अंदर गठिया जैसे खतरनाक रोग में सुधार आनी शुरू हो जाएगी।(Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

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आप सभी जानते हैं कि गठिया रोग का मुख्य कारण शरीर के अंदर उपस्थित यूरिक एसिड होता है। अतः यदि हमारे शरीर के अंदर से खत्म हो जाए तो यह कहना ज्यादा कठिन नहीं होगा कि हमारे शरीर के अंदर गठिया जैसे खतरनाक रोग अपने आप खत्म हो जाएंगे। अतः शरीर के अंदर से यूरिक एसिड को जड़ से समाप्त करने के लिए संतरे का जूस भी बहुत ज्यादा कारगर साबित हो सकता है। यदि आप संतरे का जूस लगातार सेवन करते हैं तो आपके शरीर के अंदर उपस्थित यूरिक एसिड धीरे-धीरे खत्म होने लगता है। अतः गठिया रोग से पीड़ित मरीजों को कोशिश करना चाहिए कि वह प्रतिदिन एक से दो गिलास संतरे के जूस का सेवन प्रतिदिन करें। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव
Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव

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गठिया रोग के मरीजों को आलू के सेवन से भी ऐसे खतरनाक रोग में बहुत ज्यादा फायदा मिलता है। गठिया रोग के मरीजों को आलू का सेवन ज्यादा से ज्यादा मात्रा में करना चाहिए। आलू के सेवन करने से गठिया रोग में बहुत आराम मिलता है शरीर में किसी भी तरह का गांठ बन जाता है जिसमे आलू का सेवन बहुत ज्यादा आराम और फायदा महसूस दिलाता है। आप आलू के जूस का सेवन भी कर सकते हैं। आलू के जूस से भी आपको गठिया जैसे खतरनाक रोग में बहुत ज्यादा और बहुत जल्द आराम महसूस होगा। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि आलू के ज्यादा सेवन करने से शुगर लेवल भी बढ़ सकता है। अतः आप प्रतिदिन 150g लालू का ही अपने खाने में या आपने खाने में किसी अन्य तरीके से इसका उपयोग करें। (Arthritis गठिया रोग के लक्षण और इसके बचाव)

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