स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार

स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार

स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार

एक स्वस्थ इंसान के जीवन में स्वाइन फ्लू के रोग का क्या प्रभाव पड़ सकता है यह बताने की जरूरत नहीं है स्वाइन फ्लू एक बहुत ही खतरनाक और संक्रामक रोग है स्वाइन फ्लू मुख्यतः सूअरों में होने वाला रोग माना जाता है स्वाइन फ्लू सांस संबंधी एक अत्यंत संक्रामक रोग है जो सांस लेने और छोड़ने की गतिविधियों से एक दूसरे इंसान के अंदर बड़ी आसानी से फैलने लगता है दूसरों शब्दों में कहा जाए तो स्वाइन फ्लू फ्लू वायरस के कारण भी फैलता है (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

स्वाइन फ्लू के फैलने के भी कई सारे कारण हैं स्वाइन फ्लू भी कई तरह के वायरसों से मिलकर बना होता है जिसमें H1N1 वायरस स्वाइन फ्लू के लिए सबसे खतरनाक माना जाता है।  H1N1 वायरस के कारण स्वाइन फ्लू सबसे ज्यादा तीव्र गति से इंसानों को प्रभावित करता है स्वाइन फ्लू का वायरस दुनिया भर के देशों में आसानी से फैलता जा रहा है। स्वाइन फ्लू किसी भी इंसान को अपनी चपेट में आसानी से ले लेता है इस रोग का सबसे खतरनाक लक्षण सांस के जरिए फैलने वाली वायरस को माना जाता है यही एकमात्र कारण है कि स्वाइन फ्लू को संक्रामक रोग भी कहा जाता है

स्वास्थ संगठनों के अनुसार मौसम के बदलने के साथ साथ स्वाइन फ्लू का कहर फिर से बढ़ता जा रहा है स्वाइन फ्लू के वायरस नाक गले व फेफड़े को बहुत ज्यादा प्रभावित करते हैं स्वाइन फ्लू का वायरस किसी भी स्वस्थ इंसान के शरीर में आंख नाक अथवा मुंह के जरिए आसानी से शरीर के अंदर प्रवेश करने में सक्षम साबित होता है स्वाइन फ्लू के वायरस इतने खतरनाक है कि वह शरीर के अन्य अंगों के माध्यम से भी शरीर के अंदर प्रवेश कर सकते हैं इस रोग में सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात यह है कि स्वाइन फ्लू और फ्लू रोग के लक्षणों से कोई अंतर नहीं होता है। यही कारण है कि अधिकांश लोग स्वाइन फ्लू और फ्लू के लक्षणों में भेद करने में असक्षम साबित होने लगते हैं (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

यदि कोई इंसान फ्लू और स्वाइन फ्लू के बीच के अंतर को आसानी से पहचान सके तो वह आसानी से इस रोग के उपचार करके इस रोग से बच सकता हैं वायरस से फैलने वाले कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिसमें हमें अपने जीवन में साफ सफाई रखना बहुत जरूरी है जैसा कि हम सभी जानते हैं कि स्वाइन फ्लू संक्रामक रोग है और यह एक लोग से दूसरे लोग तक आसानी से फैलता है ऐसे में इंसानों को अपने आसपास सफाई रखना बहुत जरूरी होता है जब भी हम छीके हमें रुमाल का इस्तेमाल करना चाहिए रुमाल के इस्तेमाल करने से हमारे शरीर के अंदर से निकलने वाले वायरस वातावरण में नहीं फ़ैल पाते हैं

छींकने के बाद हमें अपने हाथ को साबुन से अवश्य साफ करना चाहिए बहुत सारे लोगों का मानना है कि स्वाइन फ्लू एक लाइलाज बीमारी है लेकिन यह धारणा बिल्कुल गलत है स्वाइन फ्लू को जड़ से खात्मा किया जा सकता है स्वाइन फ्लू को जड़ से खत्म करने के लिए हमें कुछ बातों को बड़े ध्यान से अमल करना चाहिए हालांकि स्वाइन फ्लू और फ्लू दोनों रोग में मरीज अथवा रोगी को सामान लक्षण दिखाई देते हैं इसी कारण से कई बार स्वाइन फ्लू और फ्लू में अंतर कर पाना बहुत मुश्किल होने लगता है स्वाइन फ्लू के रोग से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा मास्क का उपयोग करें (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

क्योंकि जैसा कि हम सभी जानते हैं कि स्वाइन फ्लू हमारे नाक के द्वारा सबसे ज्यादा फैलने वाली बीमारी है अथवा जब भी हम सांस लेते हैं तो स्वाइन फ्लू का वायरस हमारे नाक के जरिए हमारे शरीर के अंदर प्रवेश कर जाता है यदि हम मास्क का उपयोग करते हैं तो हमारे शरीर के अंदर स्वाइन फ्लू का वायरस आसानी से प्रवेश नहीं कर पाता है स्वाइन फ्लू के वायरस ज्यादातर कम आयु के बच्चे को ज्यादा प्रभावित करते हैं ऐसे में हमें कम आयु को बच्चे के ऊपर ज्यादा ध्यान और एतिहाद बरतनी चाहिए स्वाइन फ्लू अथवा फ्लू के रोग से बचने के लिए इंसान के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना अति आवश्यक है

यदि किसी इंसान के शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है तो ऐसे में स्वाइन फ्लू अथवा फ्लू के रोग ऐसे इंसान को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाते हैं स्वाइन फ्लू अथवा फ्लू के वायरस ज्यादातर किसी भी इंसान को सर्दी के मौसम में प्रभावित करते हैं क्योंकि सर्दी के मौसम में स्वाइन फ्लू के वायरस ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं इसी कारणों से सर्दियों के समय में इंसान स्वाइन फ्लू के वायरस से ज्यादा प्रभावित होने लगते हैं आइए हम जानते हैं कि स्वाइन फ्लू कितने प्रकार के होते हैं अभी तक के सर्वेक्षण के अनुसार स्वाइन फ्लू को तीन भागों में बांटा गया है (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

स्वाइन फ्लू A, स्वाइन फ्लू B, और स्वाइन फ्लू C सबसे आश्चर्य की बात यह है कि यह तीनों रोग के लक्षण समान होते हैं किसी भी इंसान के शरीर के अंदर यदि स्वाइन फ्लू A, स्वाइन फ्लू B, और स्वाइन फ्लू C इनमें से कोई भी रोग के लक्षण नजर आएं तो इस में अंतर कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि इन तीनों रोगो के लक्षण बिल्कुल समान माने जाते हैं स्वाइन फ्लू से बचने के कुछ सरल उपाय भी हैं जैसे कि मैंने पहले भी बताया है कि सर्दियों के मौसम में यह वायरस ज्यादा इंसानों को प्रभावित करती है ऐसे में सर्दियों के मौसम में इंसान को विटामिन सी लेना अति आवश्यक है

विटामिन सी के निरंतर उपयोग करने से शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है यदि किसी इंसान के शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है तो ऐसे में स्वाइन फ्लू के वायरस का शरीर के अंदर प्रभाव डालना असंभव हो जाता है यदि कोई इंसान स्वाइन फ्लू के वायरस से ग्रसित है ऐसे में इंसान को ज्यादा से ज्यादा पोस्टिक खाना खाना चाहिए ज्यादा से ज्यादा विटामिन सी का उपयोग करना चाहिए और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए अत्यधिक मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

अधिक से अधिक पानी के सेवन करने से शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है साथ ही साथ ज्यादा पानी के सेवन करने से हमारे शरीर में डिहाइड्रेशन की खतरे को भी खत्म किया जा सकता है आइए हम जानते हैं कैसे घरेलू नुस्खों के उपचार से हम अपने शरीर के अंदर फैल रहे स्वाइन फ्लू अथवा फ्लू के वायरस को जड़ से खत्म कर सकते हैं आप सभी लोगों ने पान का नाम आवश्य सुना होगा पान हमारे रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग किए जाने वाला एक औषधीय पदार्थ माना जाता है इस औषधि के निर्माण के लिए हमें पान के पत्ते अदरक और शहद की आवश्यकता होगी हमें बराबर मात्रा में पान का रस अदरक का रस और शहद को मिलाकर एक जूस तैयार करना है

सुबह शाम इस जूस के सेवन करने से शरीर के अंदर फैल रहे स्वाइन फ्लू अथवा फ्लू के वायरस को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है साथ ही साथ यह औषधी हमारे शरीर के अंदर के खत्म हो रहे शक्ति को भी बढ़ाने में मदद करता है यह औषधि पूर्णता प्राकृतिक है अतः आपको इसके सेवन करने से किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट का सामना नहीं करना पड़ेगा हालांकि बाजार में मिल रहे कई तरह के रसायनिक दवाइयों के सेवन करने से भी कुछ समय के लिए स्वाइन फ्लू और फ्लू के वायरस को कम किया जा सकता है लेकिन जैसा कि आप सभी जानते हैं (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

कि बाजार में मिल रहे रासायनिक दवाइयों के सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर कुछ समय के लिए रोग को खत्म किया जा सकता है लेकिन साथ ही साथ यह सभी प्रकार के रसायनिक दवाइयों के उपयोग से हमारे शरीर के अंदर कई अन्य तरह की परेशानियां भी उत्पन्न होने लगती है ऐसे में यदि कोई इंसान पहले से किसी अन्य रोग से ग्रसित है जैसे अस्तमा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को यदि बाजार में मिल रहे रसायनिक दवाइयों का सेवन करवाया जाए तो इनके अन्य तरह की बीमारियां हो जाती है ऐसे में हमें हमेशा प्राकृतिक और आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन करने से हमें किसी प्रकार का खतरा नजर नहीं आता है

स्वाइन फ्लू के फैलने का कारण मुख्यतः पालतू सूअर और जंगली पक्षी को माना जाता हैं जंगली सूअर और जंगली पक्षियों के कारण स्वाइन फ्लू कई देशों में अपने रोग का प्रभाव डालती जा रही है हालांकि स्वाइन फ्लू अधिकांश उन्हीं देशों में अपना पैर पसार रही है जहां पर सूअर पालने का काम किया जाता है सरकार ने स्वाइन फ्लू से बचने के लिए अब सूअर का भी टीकाकरण करना शुरू कर दिया है जिससे स्वाइन फ्लू के वायरस को ज्यादा से ज्यादा कम किया जाए और समाप्त किया जाए आइए हम जानते हैं कि कैसे हम स्वाइन फ्लू को खत्म करने के लिए स्वाइन फ्लू का टिका लगाते हैं भारत सरकार के द्वारा स्वाइन फ्लू को खत्म करने के लिए वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

इस वैक्सीन के उपयोग से इंसान के शरीर के अंदर फ़ैल रहे स्वाइन फ्लू के वायरस को खत्म किया जा सकता है साथ ही साथ यदि कोई व्यक्ति स्वाइन फ्लू के इस वैक्सीन का टीका अपने शरीर में लगवाता है तो आसपास के अन्य लोगों को भी सुरक्षित किया जा सकता है क्योंकि यदि किसी व्यक्ति स्वाइन फ्लू का टीका लग जाता है तो उसके आसपास के वायरस को भी इस टीके की मदद से निष्क्रिय किया जा सकता है इस तरह से हम अपने आसपास स्वाइन फ्लू के वायरस को फैलने से रोक सकते हैं स्वाइन फ्लू से पीड़ित रोगी को हमेशा विटामिन डी का भी उपयोग करना चाहिए

विटामिन डी शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है साथ ही साथ स्वाइन फ्लू से पीड़ित रोगी को विटामिन प्रोटीन इत्यादिओं का सेवन भी भरपूर मात्रा में करना चाहिए स्वाइन फ्लू के वायरस के शरीर के अंदर फैलने के कारण शरीर में कमजोरी का महसूस होना शुरू हो जाता है ऐसे में रोगी को विटामिन प्रोटीन इत्यादियों के सेवन करने से शरीर में शक्ति बनी रहती है स्वाइन फ्लू एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सर्वेक्षण को देखा जाए तो लगभग पूरे विश्व में 40 हजार से 50 हजार लोगों की मृत्यु स्वाइन फ्लू के कारण हो जाती है (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

हालांकि यह जानकर बहुत आश्चर्य लगता है कि स्वाइन फ्लू की बीमारी अमेरिका के द्वारा भारत में भेजी गई है। हलाकि यह बस एक अनुमान हो सकती है। स्वाइन फ्लू कोई रोग नहीं था यह एक रसायनिक दवाई बनाने वाली कंपनी की की गई गलती है जिसके कारण से आज दुनिया के 35 से 40 देश प्रभावित हो चुके हैं कुछ जानकारियों के हिसाब से एक रसायनिक दवाई बनाने वाले कंपनी के दवाई बनाने के दौरान हुई कुछ गलतियों के कारण स्वाइन फ्लू जैसे खतरनाक बीमारी आज पूरे विश्व में अपना पैर पसार रही है लेकिन हम अपने दैनिक जीवन के कुछ बदलाव करके अपने जीवन में होने वाले स्वाइन फ्लू के रोग को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए सबसे पहले हमने अपने घर के आस पास सफाई रखना अति आवश्यक है हालांकि यह रोग सर्दियों के मौसम में ज्यादा फैलते हैं इसी कारण से सर्दियों के मौसम में हमें अपने शरीर और अपने परिवार अपने आस-पड़ोस के प्रति खास ध्यान रखना चाहिए आइए हम स्वाइन फ्लू से बचने के कुछ अन्य घरेलू नुस्खों के बारे में विस्तार से जानते हैं जिनके सेवन करने से आप अपने शरीर के अंदर फ़ैल रहे स्वाइन फ्लू के वायरस को आसानी से समाप्त कर सकते हैं तुलसी के पत्ती का नाम आपने आवश्य सुना होगा तुलसी की पत्ती आसानी से सभी घरों में मिल जाती है (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

तुलसी की पत्ती एक आयुर्वेदिक औषधी मानी जाती है साथ ही साथ तुलसी के पत्ती के अंदर बहुत सारे ऐसे गुण मौजूद हैं जिससे शरीर को स्वस्थ बनाया जा सकता है साथ ही साथ तुलसी के पत्ती के रोजाना सेवन करने से शरीर के अंदर रोग से लड़ने की क्षमता में बहुत ज्यादा इजाफा होता है तो आइए जानते हम तुलसी के पत्ते का सेवन कैसे करेंगे चार से पांच तुलसी की पत्तियां लें और इसे अच्छे से दोनों तरफ से धो लें और सुबह खाली पेट 4 से 5 तुलसी के पति का रोजाना सेवन करें रोजाना चार से पांच तुलसी के पत्ते के सेवन करने से शरीर के अंदर के स्वाइन फ्लू के वायरस को जड़ से खत्म किया जा सकता है

साथ ही साथ यदि रोजाना आप तुलसी के पत्ते का सेवन करते हैं तो यह आपके गले और फेफड़े  को भी साफ रखती है तुलसी शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर शरीर को संक्रमण से बचाती है आइए हम दूसरे नुस्खे के बारे में बात करते हैं आप सभी ने गिलोय का नाम अब सुना होगा गिलोय का जूस किसी भी औषधि के दुकान पर आसानी से प्राप्त भी हो जाता है स्वाइन फ्लू के वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए गिलोय का जूस भी बहुत ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

आप गिलोय के जूस का प्रतिदिन सेवन कर सकते हैं इससे आपके शरीर के अंदर फ़ैल रहे स्वाइन फ्लू के वायरस हमेशा के लिए समाप्त हो जायेंगे अब हम अगले घरेलू नुस्खे के बारे में जानते हैं आप सभी ने कपूर का नाम आवश्य सुना होगा कपूर हमारे प्रति दिन भगवान के पूजन में किया जाने वाला वस्तु है आइए हम जानते हैं कैसे कपूर के उपयोग से अपने शरीर को स्वाइन फ्लू के रोग से मुक्ति दिला सकते हैं हालांकि वयस्क पुरुष कपूर की छोटी गोली को पानी के साथ सेवन कर सकते हैं यदि कोई कम आयु के बच्चे स्वाइन फ्लू के वायरस से पीड़ित है तो ऐसे में इन्हें कपूर की गोली को आलू या केले के साथ सेवन करवा सकते हैं। (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

कपूर के सेवन करने से शरीर के अंदर फैल रहे स्वाइन फ्लू के वायरस में काफी निजात प्राप्त होता है लेकिन एक बात यहां पर ध्यान रखनी है कि कपूर की सेवन हमेशा महीने में एक बार ही किया जा सकता है कपूर की गोली का सेवन 1 महीने में एक बार करें इससे ज्यादा सेवन करने से इसके दुष्प्रभाव भी नजर आने लगते हैं अतः आप इन सावधानियों को ध्यान से देखें और कपूर के गोली को पूरे महीने में एक बार ही सेवन करें कम आयु के बच्चे के कपूर की आधी गोली का ही सेवन करवाएं आप सभी लोगों ने लहसुन का नाम भी अवश्य ही सुना होगा लहसुन शरीर के अंदर फैल रहे किसी भी तरह के वायरस को समाप्त करने के लिए सफल साबित होता है (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

हालांकि लहसुन हमारे खान-पान के प्रति दिन में उपयोग किया जाने वाला पदार्थ है लहसुन की दो कलियों का सेवन सुबह सुबह खाली पेट सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ साथ स्वाइन फ्लू के वायरस को भी जड़ से समाप्त किया जा सकता है लहसुन में कई सारे औषधीय गुण मौजूद हैं जो शरीर के अंदर चल रहे किसी भी तरह के वायरस को जड़ से समाप्त करने में सफल साबित होता है (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

यदि आप सभी को मेरे द्वारा स्वाइन फ्लू के बारे में दी गई यह जानकारी पसंद आई हो तो आप इसे अपने दोस्त परिवारों के बीच अवश्य कर दे ताकि स्वाइन फ्लू के खतरे से आपके परिवार और आपके आसपास के लोग हमेशा बचे रहें यदि आप स्वाइन फ्लू के दी गई इस जानकारी के बारे में कुछ पूछना चाहते हैं या फिर इस जानकारी के बारे में कुछ बताना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं इस जानकारी के संदर्भ में कमेंट करने का विकल्प आपको इस पोस्ट के नीचे आसानी से प्राप्त हो जाएगा यदि आप किसी खास मुद्दे पर हम से बातचीत करना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट के जरिए ईमेल के जरिए मैसेज के जरिए बता सकते हैं मैसेज करने का विकल्प आपको हमारी वेबसाइट के होमपेज पर जाने के बाद व्हाट्सएप के जरिए आसानी से प्राप्त हो जाएगा  (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

यदि आप स्वाइन फ्लू के बारे में किसी अन्य जानकारी को रखते हैं या फिर स्वाइन फ्लू से बचने के घरेलू नुस्खे के बारे में विस्तार से जानते हैं तो आप हमें अवश्य बताएं यदि आपके द्वारा दी गई जानकारी सत्य साबित होती है तो हम आपके द्वारा दी गई जानकारी को अपने वेबसाइट पे अवस्य संलग्न करेंगे यदि आपको इस पोस्ट में किसी प्रकार की कोई दुविधा या किसी प्रकार की कोई गलती नजर आती है तो आप हमें कमेंट के जरिए बता सकते हैं हम समय-समय पर अपने दी गई जानकारी को अपडेट करते रहते हैं और आपके द्वारा दी गई जानकारी दूसरों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है  (स्वाइन फ्लू क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण कारण और उपचार)

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