स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय

स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय

स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय

यदि कैंसर की बात आती है तो स्तन कैंसर यानी कि ब्रेस्ट कैंसर का नाम सबसे ऊपर आता है क्योंकि स्तन कैंसर अर्थात ब्रेस्ट कैंसर सबसे ज्यादा अपना रोग और प्रभाव स्त्रियों पर फैलाते हैं और कैंसर की कई तरह के बीमारियों में सबसे ज्यादा प्रचलित स्तन कैंसर को ही माना जाता है स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाली सबसे खतरनाक बीमारी है जो ब्रेस्ट कैंसर के नाम से भी जानी जाती है स्तन कैंसर या बेस्ट कैंसर किसी भी आयु की महिलाओं को आसानी से प्रभावित कर सकती है। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

लेकिन ज्यादातर देखा जाता है कि यह बीमारी महिलाओं को 40 वर्ष की आयु के बाद ही अपने प्रभाव में डालती है अर्थात दूसरे शब्दों में कहा जाए तो 40 वर्ष की उम्र की बाद की महिलाओं को स्तन कैंसर होने का ज्यादा खतरा होता है महिलाओं में स्तन कैंसर की बीमारी सबसे ज्यादा होती है आइए हम जानते हैं कि स्तन कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर किसे कहते हैं। स्तन तथा जो नलिकाए से मिल्क स्तर से निप्पल तक जाती है इन्हीं के अंदर brca1 तथा brca2 नामक जींस पाए जाते हैं

यदि इसी दोनों जींस में किसी तरह की परेशानी उत्पन्न हो जाए तो ऐसे में महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर स्तन कैंसर होने की सम्भावना ज्यादा हो जाती है इसे हम साधारण भाषा में समझते हैं महिलाओं की स्तन के अंदर एक दूध ग्रंथि होती है जिसमें महिलाओं के शरीर के अंदर अपने बच्चों को स्तनपान कराने के लिए दूध जमा होता है दूधवाले ग्रंथि से निप्पल तक दूध पहुंचने में यदि किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न होती है तो ऐसे में ऐसी महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर या स्तन कैंसर होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है आज भारत में ही नहीं पूरे विश्व में महिलाओं में स्तन कैंसर की समस्या बढ़ती जा रही है। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

स्तन कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर के समस्याओं अथवा लक्षणों को शुरुआती दौर में पता कर लिया जाए तो इसके उपचार से स्तन कैंसर से छुटकारा पा सकते हैं हालांकि यदि स्तन कैंसर के प्रभाव हमारे शरीर के अंदर ज्यादा फैल जाती है तो आगे चल के इसके उपचार करने में कई तरह की परेशानी उत्पन्न होने लगती है कभी-कभी इसका उपचार कर पाना असंभव भी हो जाता है और देखा जाता है कि स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं की जान तक चली जाती है लेकिन यदि शुरुआती दौर में हो रहे हैं स्तन कैंसर के लक्षण को हम पहचान लेते हैं तो इसके उपचार से हम इस खतरनाक बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं

आइए हम जानते हैं कि स्तन कैंसर यानी ब्रेस्ट कैंसर होने के प्रमुख कौन कौन से कारण हैं किन किन कारणों से किसी महिलाओं के अंदर स्तन कैंसर होने का खतरा ज्यादा हो जाता है सर्वप्रथम यदि किसी महिला की कम उम्र में मासिक धर्म अर्थात पीरियड आने लगे तो ऐसे में ऐसे महिलाओं को स्तन कैंसर अर्थात ब्रेस्ट कैंसर होने की खतरा ज्यादा बढ़ जाती है कभी कभी देखा जाता है कि कम आयु में भी महिलाओं को मासिकधर्म शुरू हो जाता है कम उम्र में आ रहे पीरिएड ना केवल ब्रेस्ट कैंसर अर्थात स्तन कैंसर जैसी समस्याओं को उत्पन्न करता है। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

साथ ही साथ कई तरह की समस्याओं को भी शरीर के अंदर उत्पन्न कर देता है इसी कारण से यदि किसी कम आयु के महिलाओं में मासिक धर्म आ रहा हो तो ऐसे में जल्द से जल्द उपचार करना चाहिए दूसरे स्थान पर यदि किसी महिलाएं को बच्चा नहीं हो रहा हो या फिर बहुत अधिक उम्र में बच्चा हुआ हो ऐसी महिलाओं को भी ब्रेस्ट कैंसर यानी स्तन कैंसर के होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है यदि महिलाये अपने शिशु को स्तनपान नहीं करवाती है तो ऐसे महिलाओं में भी स्तन कैंसर अर्थात ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है शारीरिक रूप से निष्क्रिय होना भी स्तन कैंसर और  ब्रेस्ट कैंसर का सबसे प्रमुख लक्षण माना जाता है

अर्थात यदि कोई महिलाएं अपने शरीर से कम से कम काम लेती है या फिर योग और व्यायाम में अपना कम समय देती है और ज्यादा समय बैठे रहना पसंद करती है तो ऐसे महिलाओं को भी स्तन कैंसर होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है कभी-कभी महिलाओं में देखा जाता है कि शुरुआती दौर से उनकी स्तन काफी ठोस होते हैं। ठोस स्तन के महिलाओं को भी ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना ज्यादा हो जाती है हालांकि यह एक ऐसा लक्षण है जो शुरुआती दौर में ही दिख जाता है यदि किसी महिला के स्तन का ज्यादा कड़ा या ठोस हो तो उन्हें अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

क्योकि यह लक्षण आगे चल के ब्रेस्ट कैंसर की संभावना उत्पन्न कर सकती है ऐसी महिलाएं जो बार बार गर्भ निरोधक गोलियों का उपयोग करती है तो ऐसी महिलाओं को भी ब्रेस्ट कैंसर यानी स्तन कैंसर के रोग होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है गर्भनिरोधक गोलियां लगातार इस्तेमाल करने से महिला के शरीर के अंदर कई कार्यो को करने के क्षमता निष्क्रिय होने लगता है। और यह स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण माना जाता है दूसरे शब्दों में कहा जाए तो लगातार गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन करने से शरीर के कई सारे अंग काम करने बंद कर देते हैं यह एक प्रमुख लक्षण ब्रेस्ट कैंसर या स्तन कैंसर का माना जाता है

आजकल की महिलाओं में देखा जाता है कि वह अपने आप को खूबसूरत बनाने के लिए हार्मोन थेरेपी का उपयोग करवाती हैं हार्मोन थेरेपी के कारण कई महिलाओं में स्तन कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है हार्मोन थेरेपी होने के कारण हमारे शरीर के हारमोंस में गलत तरीके से स्थानांतरण किया जाता है जिस कारण से शरीर के अंदर स्तन कैंसर होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है आइये अब हम स्तन कैंसर के होने के पहले के कुछ लक्षण को विस्तार कैसे जानते हैं ताकि स्तन कैंसर होने से पहले हम इसके लक्षण को पहचान कर इसके उपचार शुरू कर दे स्तन के निप्पल का एक तरफ झुका होना स्तन कैंसर के लक्षण माने जाते हैं। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

ऐसे में महिलाओं को अपने स्तन के दोनों निप्पल को प्रत्येक महीने गौर से देखना चाहिए यदि महिलाओं के निप्पल एक सामान्य न हो या फिर दोनों निप्पल एक दूसरे से भिन्न हो या फिर एक निपल्स में ज्यादा सिकुड़न दिखे तो ऐसे में यह लक्षण स्तन कैंसर के हो सकते हैं स्तन के कुछ भाग में लाल लाल दाग दिखाई दे या वहां का चमरा मोटा हो जाए या फिर स्तन में खुजली हो जलन हो दर्द इत्यादि का होना भी स्तन कैंसर के लक्षण माने जाते हैं महिलाओं के स्तन में गांठ हो जाना स्तन रोग के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं

महिला के स्तन में लंबे समय से सूजन चलती आ रही हो या किसी एक भाग में सूजन हो गई हो तो ऐसे में महिलाओं को अपने आसपास के डॉक्टर इसे अवश्य सलाह लेना चाहिए क्योंकि यह लक्षण भी स्तन कैंसर के हो सकते हैं शरीर के नीचे झुकाने अथवा चलने के समय महिलाओं के स्तन में दर्द का होना भी स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं इसके साथ साथ कुछ और भी लक्षण है जिससे हमें स्तन कैंसर होने का आभास पहले हो सकता है त्वचा में असामान्य बदलाव होना भूख कम लगना साथ ही साथ अत्यधिक मात्रा में खांसी का आना और खांसी के साथ साथ कभी कभी खून का आना यह सभी कारण कैंसर के हो सकते हैं। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

हालांकि कैंसर के विकृत रूप होने से पहले कैंसर के छोटे छोटे लक्षण शरीर के अंदर दिखाई देने लगते हैं यदि शुरुआती दौर में होने वाले इन लक्षणों को हम ध्यान से देखें उनके उपचार के लिए ठोस कदम उठाएं तो हम स्तन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से भी छुटकारा पा सकते हैं आइए हम जानते हैं कि महिलाओं में होने वाले स्तन कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर को कैसे हम घरेलू नुस्खे के उपयोग से हमेशा के लिए जड़ से खत्म कर सकते हैं आयुर्वेदिक और प्राकृतिक औषधियों में बहुत सारे ऐसे फल मौजूद है जिनके सेवन करने से महिला के शरीर के अंदर होने वाले स्तन कैंसर से हमेशा के लिए निजात मिल सकता है

आप सभी ने बेल का नाम अवश्य सुना होगा बेल एक प्राकृतिक फल है जिसमें बहुत सारे ऐसे औषधीय गुण मौजूद है जो ना केवल शरीर के अंदर स्तन कैंसर को ही जड़ से समाप्त करने के लिए सक्षम होता है साथ ही साथ यह शरीर के अंदर पेट की समस्याओं को भी जड़ से खत्म करने में सफल साबित होता है बेल के अंदर कैल्शियम फास्फोरस तथा आयरन के भरपूर मात्रा में मौजूद होने के कारण यह स्तन कैंसर के लिए रामबाण इलाज माना जाता है। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

ऐसी महिलाएं जो स्तन कैंसर से पीड़ित है उन्हें बेल का सेवन अत्यधिक मात्रा में करना चाहिए हालांकि बेल एक ऐसा प्राकृतिक फल है जो हमेशा उपलब्ध नहीं होता लेकिन बेल के मौसम में अधिक से अधिक मात्रा में बेल का सेवन करना चाहिए ज्यादा मात्रा में बेल के सेवन करने से स्तन कैंसर के कारण brca1 एंड brca2 जींस को निष्क्रिय किया जाता है जिसके कारण महिलाएं स्तन कैंसर से छुटकारा पा सकती है बेल के सेवन करने के लिए आप पके हुए बेल को भी खा सकते हैं साथ ही साथ यदि संभव हो तो आप बेल का जूस बनाकर सेवन कर सकते हैं

बेल का जूस स्तन कैंसर के लिए बहुत बड़ा औषधि माना जाता है और जैसा की आप सभी को पता है कि बेल एक प्राकृतिक फल है तो इसके सेवन करने से किसी भी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट हमारे शरीर में नहीं होता हालांकि बाजार में मिल रहे कई तरह के रसायनिक दवाइयों के सेवन करने से भी कुछ समय के लिए ब्रेस्ट कैंसर को कम किया जा सकता है लेकिन जैसा कि आप सभी जानते हैं कि बाजार में मिल रहे रसायनिक दवाइयों के सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर कुछ समय के लिए रोग को कम किया जा सकता है लेकिन रासायनिक दवाओं के सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर कई तरह की परेशानियां भी उत्पन्न हो जाती है। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

हमें स्तन कैंसर जैसे खतरनाक रोगों को जड़ से खत्म करने के लिए हमेशा प्राकृतिक और आयुर्वेदिक दवाइयों का सेवन करना चाहिए आइये अब हम अगले नुस्के के बारे में जानते हैं आप सभी ने मेथी का नाम अवस्य सुना होगा मेथी एक ऐसा पदार्थ है जो हमारे रसोई में प्रतिदिन के उपयोग में किया जाने वाला सामग्री माना जाता है मेथी के अंदर कोनियम जिंक फास्फोरस तथा आयरन के साल्ट पाया जाता है मेथी के प्रतिदिन सेवन करने से शरीर के अंदर brca1 एंड brca2 को निष्क्रिय किया जा सकता है

यदि महिला के स्तन के अंदर उत्पन्न brca1 और brca2 नामक जींस को निष्क्रिय कर दिया जाए तो महिलाएं स्तन कैंसर से पूर्णता निजात पा सकती है ऐसे में मेथी का सेवन करना शरीर के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है मेथी का उपयोग करने के लिए आप रात के समय एक गिलास पानी में मेथी के बीज से फूलने के लिए छोड़ दें सुबह उठकर मेथी के पानी का सेवन कर सकते हैं और साथ ही साथ पानी में भीगे हुए मेथी को चबा चबा कर खा सकते हैं मेथी के प्रतिदिन सेवन करने से शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे स्तन रोग में काफी रहत प्राप्त होता है (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

आप सभी ने हल्दी का नाम आवाज सुना होगा हल्दी एक ऐसा प्रकृति औषधि है जो ना केवल कैंसर के रोग को हमेशा के लिए जड़ से खत्म कर सकता है साथ ही साथ यह शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे कई अन्य तरह के रोग जड़ से खत्म करने में सक्षम साबित होता है हल्दी के अंदर करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है यदि हम हल्दी के पाउडर को सरसों के तेल के साथ मिलाकर प्रभावित जगहों पर बांधे साथी साथ हल्दी का सेवन करें तो ऐसे में स्तन कैंसर को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है हल्दी के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की भी क्षमता होती है

यदि कोई स्तन रोग पीड़ित महिला हल्दी का सेवन करती है तो ऐसे में उसे कई रोगों से भी छुटकारा मिल जाता है स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं को हल्दी का सेवन अवश्य करना चाहिए हल्दी के सेवन करने के कई तरीके का भी इस्तेमाल कर सकते हैं दूध के साथ आप हल्दी का सेवन कर सकते हैं साथ ही साथ में जहां प्रभावित जगह है वहां पर हल्दी का लेप लगा सकते हैं तथा हल्दी के पाउडर को सरसों तेल में मिलाकर भी आप इसका लेप प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं आइये अब हम अगले नुस्के के बारे में जानते है। आप सभी ने टमाटर का नाम अवश्य सुना होगा टमाटर के अंदर लाइकोपीन और एंटीऑक्सीडेंट नामक तत्व पाया जाता है। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

जो कैंसर की कोशिकाओं को निष्क्रिय कर देता है यदि किसी महिला के स्तन के अंदर उत्पन्न हो रहे कैंसर की कोशिकाओं को निष्क्रिय कर दिया जाए तो महिलाएं स्तन कैंसर से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं ऐसे में टमाटर एक ऐसा प्राकृतिक फल है जो शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने में सक्षम साबित होता है स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं को टमाटर का सेवन करना चाहिएआप टमाटर को कई अन्य तरीके से सेवन कर सकते हैं जैसे टमाटर का जूस बनाकर टमाटर का सेवन कर सकते हैं

सब्जियों में टमाटर का सेवन कर सकते हैं साथ ही साथ टमाटर को भी शहद के साथ सेवन कर सकते हैंटमाटर के शहद के साथ सेवन करने से भी शरीर के अंदर के कैंसर कोशिकाओं को जड़ से खत्म किया जा सकता है। आइये अब हम अगले नुस्के के बारे में जानते हैं आप सभी ने पालक का नाम होगा सुना होगा पालक हमारे प्रतिदिन की रसोई में उपयोग किया जाने वाला सब्जी है और हम प्रतिदिन इसका सेवन भी करते हैं लेकिन स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए पालक एक रामबाण औषधि है। (स्तन कैंसर के कारण लक्षण और इसके बचाव के उपाय)

क्योंकि पालक के अंदर एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाया जाता है जो शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे कैंसर वाली कोशिकाओं को नष्ट करने में बहुत ज्यादा सफल साबित होता है ऐसी महिलाएं जो कैंसर से पीड़ित हैं उन्हें अधिक मात्रा में पालक का सेवन करना चाहिए। पालक एक प्राकृतिक औषधि है। ऐसे में पालक के सेवन से किसी प्रकार की कोई कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा आप अधिक से अधिक मात्रा में पालक का सेवन कर सकते है। 

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