बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार

बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार

बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार

मानव शरीर में पांच प्रकार की ज्ञानेंद्रियां पाई जाती है। जिसने आंख कान नाक जीभ और त्वचा होती है। यह पांच ज्ञानेंद्रियां हमारे शरीर के लिए बहुत ज्यादा उपयुक्त मानी जाती है। इन पांच ज्ञानेंद्रियां में से अगर कोई ज्ञानेंद्रिय हमारे शरीर के अंदर ठीक तरीके से काम नहीं करता हैं। तो इंसान के जीवन जीने में बहुत तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आज मैं आप सभी को इस पोस्ट के माध्यम से अपने शरीर में पाए जाने वाले पांच ज्ञानेंद्रियां में से एक के बारे बताने जा रहा हूँ। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

जिसे हम कान के नाम से जानते हैं। इसके बारे में और कान के जुड़ी समस्याओं के बारे में विस्तार से जानेंगे। आज मैं इस पोस्ट के माध्यम से आप सभी को कान से जुड़ी सभी विकारों और लक्षणों और कारणों के बारे में विस्तार से बताऊंगा। इंसान के शरीर में कान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और संवेदनशील अंग माना जाता है। यदि कान को अच्छे से देखभाल ना किया जाए तो शरीर के अंदर कान से जुड़ी कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।

आज हम कान से संबंधित सबसे बड़ी रोग बहरापन के बारे में विस्तार से जानेंगे। क्योंकि ज्यादातर लोगों कान से जुड़ी समस्याओं में सबसे ज्यादा बहरापन के शिकार होते हैं। आज हम जानेंगे की कान की समस्याओं में बहरापन का लक्षण कैसे आता है। किन कारणों से हमारे कान के सुनने की क्षमता कम हो जाती है। और कैसे हम अपने कान को फिर से सुनने की क्षमता को बढ़ा सकते हैं। बहरेपन को अधीरता के नाम से भी जाना जाता है। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

कान से जुड़ी समस्याओं के जाने से पहले मैं आप सभी को बता देना चाहता हूं। कि आज हम जानेंगे कि कान के जुड़ी समस्याओं में बहरेपन का हमारे शरीर के अंदर उत्पत्ति कैसे होती है। कैसे हम अपने शरीर के अंदर होने वाले कान के समस्याओं को आसानी से जड़ से खत्म कर सकते हैं। और कान से जुड़ी समस्याओं के लक्षण क्या हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि सुनने की क्षमता मानव जाति के लिए एक बहुत बड़ा धरोहर माना जाता है।

यदि किसी इंसान के सुनने की क्षमता ना हो तो एक तरफ से विकलांग माना जाता है। साथ ही साथ यदि किसी इंसान के सुनने की क्षमता ना हो। तो उसके जीवन में अधूरापन सा महसूस होने लगता है। क्योंकि इंसान सुनने की क्षमता के माध्यम से ही बाहर के लोगों के साथ संपर्क व संवाद की स्थापना करते हैं। लेकिन यदि किसी कारणवश हमारे कान के सुनने की क्षमता कम हो जाती है। उसे हम बहरापन के नाम से जानते हैं। हालांकि बहरापन के बीमारी को कभी-कभी मजाक ही उड़ाया जाता है। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

एक बहरे इंसान को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लोगों के द्वारा हीन भावना से देखे जाने वाले इस बीमारी कि आज हम विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। बहरापन की समस्या के विस्तार में जानकारी प्राप्त करने से पहले आज हम यह जानेंगे कि बहरापन होने के मुख्य कारण कौन कौन से हैं। किस कारणों से हमारे कान के सुनने की क्षमता धीरे धीरे कम हो जाती है। तो सबसे पहले आइए हम जानते हैं। कि किसी व्यक्ति के कान में चोट लग जाता है। तो ऐसे व्यक्तियों के कान में कई तरह के विकार उत्पन्न हो जाते हैं।

जिसमें से बहरापन सबसे प्रमुख विकार माना जाता है। कभी-कभी कान में चोट ना लगने और सर में चोट लग जाने के कारण भी इंसान के कानो में बहरापन शुरू हो जाता है। क्योंकि हम सभी जानते हैं। कि हमारे पूरे शरीर के नसों का जोर हमारे दिमाग से होता है और इसी कारण से कभी कभी दिमाग में चोट लग जाने के कारण भी इंसान के कानो पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। कान में किसी कारणवश पानी के चले जाने से भी कान में बहरेपन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

किसी किसी इंसान के कान के अंदर से लगातार पानी का बहना शुरू हो जाता है। शुरुआती तौर पर लोग इस समस्या को नजरअंदाज करते हैं। इस कारण से भी इंसान के शरीर में बहरेपन की समस्या उत्पन्न होने लगती है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारी ज्ञानेंद्रियां बहुत ही संवेदनशील होते हैं। अतः हमें ज्ञान इंद्रियों के प्रति किसी भी तरह के उपचार से कभी चुकना नहीं चाहिए। शुरुआती दौर में किया गया उपचार हमें कई अन्य तरह की समस्याओं से बचा लेता है।

लेकिन यदि हम शुरुआती दौर में किसी भी समस्या को नजरअंदाज करते हैं। तो आगे चलकर यह हमारे लिए बहुत गंभीर समस्या बन जाती है। मधुमेह की बीमारी पैरालाइसिस की बीमारी उच्च रक्तचाप की बीमारी या फिर अनुवांशिक कारणों के कारण भी कभी-कभी कानों में बहरापन का होना शुरू हो जाता है। अनुवांशिक कहने का मतलब यह है। कि यदि किसी बच्चे के माता-पिता के कान में किसी तरह की समस्या है। या माता-पिता बहरेपन का शिकार है। तो ऐसे बच्चों को भी अनुवांशिक कान के बहरेपन का शिकार होना पड़ सकता है। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

कभी-कभी इन कारणों से हटके यदि किसी इंसान का दुर्घटना हो जाता है। तो इस कारण से भी इंसान के बहरेपन का शिकार होना पड़ता है। दुर्घटना में हुए चोट के कारण इंसान के कान या सर में अगर चोट लग जाती है। तो इंसान के कानों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ जा सकता है। बहरेपन के लक्षण में साफ यह प्रतीत होता है। कि यदि किसी व्यक्ति को किसी बात की संवेदना उसके कानों से मस्तिष्क तक नहीं जा पाती है। तो इसे हम बहरेपन के नाम से जानते हैं।

दूसरे लक्षणों में कहा जाए यदि कोई व्यक्ति किसी बात को चिल्ला-चिल्लाकर बोलता है। तो हमें समझ लेना चाहिए कि ऐसे व्यक्ति को कम मात्रा में आवाज उसके मस्तिष्क तक जाती है। जो पहले बेहपान का दूसरा लक्षण माना जाता है। कान से लगातार पानी का आना या कान में दर्द होना किसी भी व्यक्ति के बहरेपन का लक्षण हो सकता है। अतः हमें इन सभी लक्षणों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। इन के प्रति सजग उपचार हमें तुरंत अपनाना चाहिए। कान के बहरेपन लक्षण में कई बार कान के आसपास सूजन भी दिखाई देने लगती है। कान के बहरेपन के कई प्रकार हो सकते हैं। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

जिसमें से पहला प्रकार तंत्र लक्षण माना जाता है। तंत्र लक्षण में हमारे कानों के अंदर परेशानियां उत्पन्न होने लगती है। जिससे बाहर के आवाज हमारे कानों के माध्यम से हमारे मस्तिष्क तक नहीं पहुंच पाते हैं। दूसरा व्यवसायिक बहेरापन के नाम से जाना जाता है। यदि कोई व्यक्ति किसी ऐसी जगह पर लगातार कई वर्षों से काम करता आ रहा है। जहां पर बहुत ज्यादा शोर होता है। ऐसे व्यक्तियों को भी कान से कम सुनने की बीमारी हो जाती है। आइये हम अगले बहरेपन के कारण को जानते हैं। इस बहरेपन को हम केंद्रीय बहरापन के नाम से जानते हैं।

केंद्रीय बहरेपन किसी भी मनुष्य के दिमाग में चोट लगने के कारण होता है। मस्तिष्क की एक ऐसी जगह जहां पर यदि किसी कारणवश चोट लग जाए। और हमारे कान के नसों में किसी प्रकार की क्षति प्राप्त होती है। तो ऐसे व्यक्तियों को भी कान से कम सुनने के रोग उत्पन्न हो जाते हैं। कान के अंदर गंदगी के जमा होने के कारण भी कई बार इंसानों को कम सुनने की बीमारी उत्पन्न हो जाती है। यदि समय-समय पर यदि हम अपने कान की गंदगी को साफ नहीं करते हैं। तो यह गंदगी धीरे-धीरे कान के अंदर बैठने लगती है। और इस कारण से भी कई लोगों को कम से कम सुनने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

कभी कभी छोटे बच्चे या कम आयु के बच्चे को जन्मजात बहरेपन का शिकार होना पड़ता है। ऐसे बच्चों के माता-पिता यदि बहरेपन के शिकार है। तो यह अनुवांशिक तरीके से उस बच्चे को इस रोग के चपेट में आना पड़ सकता है। आइए हम जानते हैं। कि यदि किसी व्यक्ति को कान की अन्दर बहरापन की समस्या उत्पन्न हो रही है। तो ऐसे व्यक्ति को अपने भोजन में किस तरह के पदार्थ का सेवन करना चाहिए। क्योंकि हम जानते हैं। कि यदि हम संतुलित आहार का भोजन करते हैं। तो हमारे शरीर के अंदर कई तरह की समस्याओं को हम जड़ से खत्म करने में सफल साबित होते हैं।

कान की समस्याओं से पीड़ित पीड़ित लोगों को ऐसे भोजन का सेवन कभी नहीं करना चाहिए। जिसके उपरांत उनके कान की समस्याएं और तीव्र गति से बढ़ने लगती है। कान कि समस्या से जूझ रहे रोगियों को हमेशा पोस्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। जैसे विटामिन फोलिक एसिड प्रोटीन इत्यादि का सेवन करना चाहिए। कान के बहरेपन से जूझ रहे रोगियों को ज्यादा चवाने  वाले पदार्थों का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए। यदि कान से जूझ रहे रोगी ज्यादा चवाने वाले पदार्थों का सेवन करते हैं। तो इनके कान से जुड़ी समस्याएं और ज्यादा प्रभाव डालने लगती है। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

कान से जूझ रहे रोगियों को ज्यादा चवाने वाले भोजन के सेवन करने के कारण उनके कान पर गहरा प्रभाव पड़ता है। और हो सकता है कि एक कान में एक नए प्रकार का दर्द की उत्पत्ति कर देगा। बहरेपन के रोग से जूझ रहे रोगियों को ज्यादा मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। ज्यादा मसालेदार भोजन के सेवन करने से कान के रोगियों के अंदर कान में जलन उत्पन्न होने लगती है। जो इनके कानो के विकारों को दोगुनी रफ्तार से बढ़ाने में मदद करती है।

आइए हम जानते हैं। कि कैसे हम अपने कान के बहरेपन का उपचार कर सकते हैं। और कान के बहरेपन को हमेशा के लिए समाप्त कर सकते हैं। कान के बहरेपन की समस्याओं को हम आयुर्वेदिक नुस्खों के द्वारा हमेशा के लिए जड़ से खत्म करने में सफल साबित हो सकते हैं। ऐसे तो एलोपैथिक में कान से जुड़ी समस्याओं के बहुत सारे ऐसे और भी हैं। जिनके उपयोग से हम कानों की समस्याओं को दूर कर सकते हैं। साथ ही साथ यदि कोई व्यक्ति बहरेपन का शिकार है। तो उन्हें ऑपरेशन के माध्यम से भी कान के जुड़ी समस्याओं को समाप्त किया जा सकता है। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

लेकिन जैसा कि हम सभी जानते हैं। कि रसायनिक दवाइयों का सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर बीमारियां तो ठीक हो जाती है। लेकिन साथ ही साथ कई अन्य तरह की समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। तो हमें हमेशा अपने शरीर से जुड़ी समस्याओं का उपाय आयुर्वेद के साथ ही करना चाहिए। आयुर्वेदिक दवाइयों के सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर किसी भी तरह के साइड इफेक्ट होने की संभावना नहीं होती है। भले ही आयुर्वेदिक उपचार से हमारी समस्याओं को समाप्त करने में समय लगता है। लेकिन आयुर्वेदिक उपचार ओं से हमारे शरीर के अंदर की बीमारियां जड़ से खत्म होने में सफल साबित होती है। तो आइए हम जानते हैं।

आयुर्वेदिक उपचार के बारे में जो हमारे कान से जुड़ी समस्या जैसे बहरापन कान से पानी आना इन तमाम समस्याओं को जड़ से खत्म करने में सफल साबित होती है। आप सभी ने आंवला और हल्दी का नाम सुना होगा। आंवला और हल्दी के अंदर मौजूद योगी गुण हमारे शरीर के कई तरह की समस्याओं को जड़ से खत्म करने में सफल साबित होती है। आइए हम जानते हैं कैसे आंवला और हल्दी के उपयोग से हम अपने कान से जुड़ी समस्याओं को हमेशा के लिए समाप्त कर सकते हैं। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

इस औषधि के निर्माण के लिए आपको आंवला और हल्दी को जल के साथ पीसकर कान के पास लेप लगाना है। इस लेप को लगातार उपयोग करने से हमारे कान के आसपास उत्पन्न हो रहे सूजन हमेशा के लिए खत्म हो जाते हैं। इस लेप के उपयोग से कान के बाहर और कान के अंदर उत्पन्न हो रहे सूजन में काफी आराम महसूस होता है। अगले नुस्खे को बनाने के लिए हमें तुलसी और नीम की आवश्यकता होगी। जैसा कि हम सभी जानते हैं। तुलसी और नीम में बहुत सारे औषधीय गुण मौजूद हैं। और यह पुराने समय से हमारे रोग को दूर करने के लिए सहायता करती आ रही है।

तुलसी और नीम हमेशा से हमारे शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे। इन्फेक्शन को दूर करने में सफल साबित होती है। कान की समस्याओं से जूझ रहे हैं। रोगी को हमेशा या बात ध्यान रखना चाहिए। कि उनके कान में किसी प्रकार से पानी का प्रवेश ना हो। यदि किसी कारणवश कान के रोगी को में पानी चला जाता है। तो यह कान के अंदर उत्पन्न हो रहे समस्याओं को और ज्यादा बनाने में सफल साबित होता है। अतः हमें इस बात का पूर्ण रूप से ध्यान रखना चाहिए। कि यदि हमारे कान में किसी तरह की समस्या उत्पन्न हो रही है। तो हमें कान के अंदर पानी बिलकुल नहीं जाने देना चाहिए। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

बहरेपन रोग से जूझ रहे रोगी के आत्मविश्वास में कमी आ जाती है। पहले की अपेक्षा वह इंसान ज्यादा चिड़चिड़ा हो जाता है। अतः आप सभी से यह निवेदन है कि कभी बहरे इंसान का मजाक ना उड़ाएं। बहुत सारे लोगों में या आदत होती है। कि वह अपने कान की सफाई करने के लिए हाथ में उपस्थित किसी भी वस्तु का उपयोग अपने कान की सफाई के लिए करने लगते हैं। लेकिन ऐसे काम हमारे कान के अंदर कई तरह के बीमारियों को उत्पन्न कर देते हैं। अतः आप सभी से निवेदन है। कि अपने कान की सफाई के लिए कभी लोहे के फिर लकड़ी और किसी भी ऐसी वस्तु का उपयोग ना करें। जिससे हमारे कान की समस्या और ज्यादा बढ़ने लगती है।

यदि कोई इंसान अपने कान में लकड़ी पिन का उपयोग कान की सफाई करने के लिए करता है। तो कभी-कभी यह हमारे कान के परदे को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। और यह भी एक मुख्य कारण कान के बहरेपन का हो सकता है। आजकल के समय में कान में इयरफोन लगाकर गाने सुनने का रिवाज चल चुका है। ऐसे लोग दुकान में हमेशा ज्यादा मात्रा में आवाज लगाकर गाने सुनते हैं। ऐसे लोगों को कान के बहरेपन का शिकार होना पड़ सकता है। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

अतः आप सभी से निवेदन है कि जब भी आप गाना सुन रहे हो तो मीठी आवाज में गाना सुने कभी भी हाय वॉल्यूम कर के गाने को ना सुने। और कान में इयरफोन लगाकर गाने को बिल्कुल न सुने कान में इयरफोन लगाकर गाने सुनने के कारण भारत में लगभग 30% से ज्यादा लोगों को कान की जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो रही है। आइए हम अगले नुस्खे के बारे में जानते हैं। जिस के उपयोग से हम अपने कान के बहरेपन को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं। इस नुस्खे को बनाने के लिए थोड़ा पिसा हुआ सुहागा कान में डालकर ऊपर से 5 बूंदे नींबू के रस कान में डालें। कान में गैस पैदा होती है। और मेल बाहर निकलने लगती है। जिससे आपके कान से साफ सुनाई देने लगेगा।

ऐसे लोग कारगर साबित होते हैं। जिनके कान में काफी समय से साफ ना होने के कारण मेल जमा हो जाता है। और मैं ज्यादा मात्रा में जमा होने के कारण भी कानों में बहरेपन का शिकार होना पड़ता है। इस नुस्खे के उपयोग से आप अपने कान के अंदर जमा हो रहे। मेल को आसानी से बाहर कर सकते हैं। मैंने आपको पहले भी बताया है। कि तुलसी के पत्ते के सेवन करने से हम अपने कान के अंदर और कान के बाहर उत्पन्न हो रहे सूजन को काफी मात्रा में सही कर सकते हैं। (बहरापन कान से जुड़ी समस्याओं के कारण लक्षण और उपचार)

साथ ही साथ तुलसी के 4 पत्तों के रस को यदि हम कान में डालें। तो ऐसा रोजाना करने से हम अपने कान में हो रहे बहरेपन के बीमारी को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं। यदि आप सभी को हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी पसंद आई हो। तो आप इसे अपने परिवार और दोस्तों के बीच अवश्य शेयर कर दें। ताकि उन सभी लोगों को इस महत्वपूर्ण जानकारी का लाभ प्राप्त हो सके। जो कान के बहरापन की समस्याओं से जूझ रहे हैं।

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