पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार

पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार

पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार

दो बूंद जिंदगी के भारत सरकार द्वारा पोलियो के विरुद्ध चलाए गए इस अभियान के इस नारे से आप सभी भली-भांति अवगत होंगे दो बूंद जिंदगी के नारे का एकमात्र यही मंशा है कि हमारे भारत देश से पोलियो को पूर्ण रूप इन मुक्त किया जाए पोलियो एक खतरनाक बीमारी है दूसरे शब्दों में कहा जाए तो पोलियो खतरनाक बीमारी के होने के साथ-साथ संक्रामक रोग भी माना जाता है बहुत सारे लोगों को यह पहले से पता होगा इस बीमारी को खत्म करने के लिए जो अभियान शुरू किया गया था उसे हम पोलियो अभियान के नाम से जानते हैं। (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

तो आइए हम जानते हैं की पोलियो का अभियान किसने शुरू किया और कब शुरू किया था इन तमाम जानकारियों के साथ साथ आज हम यह भी जानेंगे कि पोलियो वैक्सीन क्यों जरूरी हैं आज हम पोलियो के रोग से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य को जानेंगे जिस के सम्बन्ध में जयादातर लोगों को जानकारी नहीं होती हैभारत देश में पोलियो से ग्रसित लोगों के मन में बस यही धारणाएं होती है कि पोलियो एक रोग है लेकिन पोलियो के रोग होने के पीछे बहुत सारे तथ्य और कारण हैं आज हम उन सभी तथ्यों और कारणों को विस्तार से जानेंगे ताकि आने वाले समय में हम पोलियो के संकट से दूर रह सके

आज इस पोस्ट के मदद से हम यह भी जानेंगे कि कैसे हम अपने आसपास या अपने परिवार या अपने सगे संबंधी को पोलियो के रोग से हमेशा के लिए छुटकारा दिला सके जैसा की आप सभी जानते हैं कि आयुर्वेदिक और प्राकृतिक औषधियों में सारे रोगों का निवारण उपलब्ध है तो आज हम जानेंगे कि पोलियो के रोग को कैसे हम प्राकृतिक और आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से अपने जीवन से हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं सबसे पहले 1988 ईस्वी में WHO यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस अभियान को चलाया गया था (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

इस अभियान के चलाने का केवल एक मात्र यही उद्देश्य था कि पोलियो के रोग को पूरे देश से खत्म करना है भारत देश की स्थिति को देखकर WHO  के सर्वेक्षण के द्वारा बताया गया था कि शायद भारत देश में पोलियो को खत्म करने में एक लंबी अवधि की आवश्यकता होगी क्योंकि WHO के संगठन के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी को ऐसा लगता था कि भारत की आर्थिक स्थिति सही नहीं है और ऐसी स्थिति में भारत को जल्द से जल्द पोलियो से मुक्ति नहीं मिल पाएगी लेकिन भारत ने और भारत के देशवासियों ने इस तथ्य को पूर्णता गलत साबित करके  भारत को पोलियो मुक्त बनाने में सफल साबित हुए हैं

पूरे देश में खुशी की लहर तब दौड़ गई जब भारत ने 24 अक्टूबर 2012 को देश को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया यही वह दिन था जब भारत सरकार के द्वारा एक ठोस कदम लिया गया और पूरे भारत देश को पोलियो मुक्त घोषित करके पूरे विश्व के सामने अपनी जीत का डंका बजा दिया पोलियो के रोग को बाल पक्षाघात के नाम से भी जाना जाता है बाल कहने का मतलब है बालक अर्थात पक्षाघात कहने का मतलब है पैरालाइसिस यह कम उम्र की आयु के बच्चों में फैलने वाला रोग माना जाता है  इसे हम पोलियो के नाम से जानते हैं (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

पोलियो का रोग कम आयु के बच्चे यानी 2 वर्ष से 5 वर्ष के बच्चों को ज्यादा प्रभावित करती है हालांकि दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यह किसी भी उम्र के किसी भी आयु के इंसान को हो सकती है लेकिन ज्यादा प्रभाव यह 2 से 5 वर्ष के बच्चे को ही करती है पोलियो अर्थात बाल पक्षाघात के रूप में तंत्रिका कोशिकाएं पूरी तरह निष्क्रिय हो जाती है जिसकी वजह से मांस पेशियां अच्छे तरीके से काम नहीं करती है इस रोग में सिर्फ हाथ या पैर ही प्रभावित नहीं होते इस रोग के कारण रीढ़ की हड्डी में, सर में, पीठ में, या शरीर के किसी अन्य अंग में बहुत ज्यादा प्रभाव देखा जा सकता है

लेकिन पोलियो अर्थात बाल पक्षाघात के रोग में ज्यादा असर इंसान के हाथ व पैर पर ही होता है साथ ही साथ कभी कभी पोलियो का प्रभाव हमारे मुंह पर भी बहुत ज्यादा होता है पोलियो रोग के होने के कारण तंत्रिका जीवाणु होता है। जिसे हम पोलियो वायरस भी कहते हैं आइए हम जानते हैं कि पोलियो वायरस कैसे अपने रोग का प्रभाव एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक डालता है यदि देखा जाए तो पोलियो वायरस के वाहक इंसान को ही माना जाता है क्योंकि इंसान के गलत जगह पर मूत्र त्याग करने के कारण यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान के अंदर आसानी से प्रवेश हो जाता है (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

जैसा कि मैंने आप सभी को पहले भी बताया है पोलियो एक संक्रामक रोग है अर्थात यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फैलने लगता है ऐसे इंसान जो अपनी देखभाल सही ढंग से नहीं कर पाते है या वह अपने भोजन में पौष्टिक आहार का सेवन नहीं कर पाते है। या फिर वो संतुलित भोजन का सेवन नहीं कर पाते है। या फिर ऐसे इंसान जो गंदे माहौल में रहते हैं गंदे माहौल कहने का मतलब यह है जहां पर गंदगी ज्यादा रहती हो और किसी कारण बस उन्हें ऐसी जगह पर रहना पड़ता हो तो ऐसे व्यक्ति या बच्चे को पोलियो के होने की आशंका ज्यादा होती है ये सब कुछ प्रमुख कारण माने जाते है पोलियो के रोग के

अब हम बात करते है की पोलियो के लक्षण क्या है। ताकि आसानी से पोलियो के रोग को पहचाना जा सके पोलियो का रोग आसानी से फैलने वाली बीमारी नहीं है और ना यह बीमारी अचानक से फैलती है बहुत ही कम लोगों में बीमारी देखने को मिलती है लेकिन यह बीमारी होने से पहले इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं यदि व्यक्ति पोलियो के रोग की पहचान कर रोग के होने से पहले उपचार शुरू कर दे।पोलियो  जैसे खतरनाक रोग से बच सकते हैं पोलियो रोग के कुछ कारण माने जाते है जैसे टिटनेस निमोनिया सीरिया इन सभी रोगों का विराट रूप पोलियो को माना जाता है आप लोगों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि यदि किसी व्यक्ति के अंदर टिटनेस की बीमारी है या निमोनिया जैसे रोग हैं तो इन लोगों को पोलियो होने की आशंका जयादा हो जाती है (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

इस रोग में कभी कभी 102 से लेकर 104 फॉरेनहाइट तक का बुखार भी होने लगता है यदि किसी इंसान के अंदर 102 फॉरेनहाइट से लेकर 104 फॉरेनहाइट तक बुखार आता है तो कई जगह इसे रोग को अन्य बीमारी भी समझ लेते हैं लेकिन ऐसे समय में इन समस्याओं को गंभीरता से लेना अति आवश्यक है पोलियो रोग के होने से पहले सिर में दर्द होना, लगातार बुखार का आना, शरीर में कमजोरी का महसूस होना, मुत्र त्यागने कठिनाई उत्पन्न होना, आगे चलकर धीरे धीरे गर्दन और पीठ में भी दर्द महसूस होने लगता है हाथ और पैर अकड़ने लगती है ये सभी पोलियो के रोग के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं कई बार इंसान को सांस लेने में भी बहुत ज्यादा तकलीफ का सामना करना पड़ता है

और कभी-कभी भोजन करने के समय भोजन को निगलने में गले में काफी दर्द का भी महसूस होना शुरू हो जाता है यह तमाम लक्षण पोलियो के रूप से होने वाले लक्षणों के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं पोलियो के रोग में यह सब लक्षण अचानक से किसी रोगी के शरीर के अंदर नजर नहीं आते है। यह रोगी के शरीर के अंदर 4 से 5 दिनों के अंतराल पर नजर आते हैं अर्थात दूसरी भाषा में कहा जाए तो यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से चलती आ रहे निमोनिया या टिटेनस के रोग के कारण भी हो सकते हैपोलियो के रोग की अवधि 3 से लेकर 35 दिनों की होती है (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

जैसा कि आप सभी को पता है कि पोलियो एक बहुत ही गंभीर समस्या है यदि किसी व्यक्ति को पोलियो का शिकार हो जाए तो उनका जीवन एक अपाहिज की जीवन के बराबर हो जाता है अतः आप सभी से विनम्र निवेदन है कि इन लक्षणों को देखकर इसका उपचार अवश्य करें ताकि आप हमेशा के लिए पोलियो जैसे खतरनाक रोगों से छुटकारा पा सकते हैं यदि पोलियो के रोग का उपचार सही समय पर ना किया जाए तो यह बहुत ही संक्रामक हो सकता है एक बार पोलियो के रोग हो जाने के कारण बच्चे बूढ़े सभी को पूरी जिंदगी पोलियो रोग के प्रभाव में जीना पड़ता है

आइये अब हम जानते हैं के पोलियो के रोग में रोगी को किस तरह के आहार का सेवन करना चाहिएपोलियो पीड़ित रोगी को कभी भी ज्यादा ठंडे और ज्यादा गर्म पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए यदि आप पोलियो पीड़ित रोगी को दूध या लस्सी का सेवन कराना चाहते हैं तो आप उसे थोड़ा सा गुनगुना अवश्य करें यदि आप पोलियो से पीड़ित रोगी को ज्यादा ठंडे या ज्यादा गर्म पदार्थों का सेवन कराते हैं तो ऐसे में पोलियो रोगी के शरीर के अंदर कुछ दुष्प्रभाव नजर आने लगते हैं अतः आप सभी से एक बार फिर से बताना चाहता हूं कभी भी पोलियो के रोगी को ज्यादा ठंडी और ज्यादा गर्म वस्तु का सेवन ना करवाएं (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

यदि फलों की बात की जाए तो आप रोगी को मौसमी के जूस का सेवन करवा सकते हैं मौसमी के साथ साथ आप सेब, संतरा, तरबूज इत्यादि का सेवन करवा सकते हैं यह सभी प्रकार के फल पोलियो से पीड़ित रोगी के शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे कमजोरी को दूर करने में सफल साबित होता है साथ ही साथ इन फलों के सेवन करने से शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे पोलियो रोग को दूर किया जा सकता हैआइए हम जानते हैं कि पोलियो से छुटकारा पाने के लिए हमें किन किन तरह के उपचारों और औषधियों का सेवन करना चाहिए

ऐसे तो पोलियो का संपूर्ण इलाज अभी तक नहीं आ पाया है लेकिन यदि आप इन लक्षणों को ध्यान रखते हुए किसी भी इंसान के अंदर उपचार करना शुरू करें तो ऐसे इंसान को पोलियो की रोग से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकती है पोलियो के रोग से मुक्ति पाने के लिए हमेशा नवजात शिशु को पोलियो का टीका लगवाएं पोलियो का टीका लगवाना नवजात शिशु के लिए अति आवश्यक है क्योंकि यह पोलियो का टीका नवजात शिशु को पूरी जिंदगी पोलियो रोग से मुक्त रखने के लिए सफल साबित होता है(पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

भारत सरकार द्वारा चलाए गए पोलियो मुक्त अभियान में बच्चों को दो बूंद पोलियो ड्रॉप पिला कर उन्हें पोलियो के रोग से मुक्ति दिलाने का जो अभियान चलाया जा रहा है उसका भरपूर सहयोग करें पोलियो की दवा से बच्चे की जिंदगी पोलियो मुक्त हो सकती है जैसा की आप सभी जानते हैं कि पोलियो एक संक्रामक रोग हैं। यह एक दूसरे इंसान के संपर्क में आने से फैलती है अतः यदि कोई कम आयु का बच्चा पोलियों के दवाई का सेवन करता है तो ऐसे में वह अपने आप को तो पोलियो के रोग से मुक्त करने के लिए सफल साबित होता है

साथ में पोलियो के इस दो बूंद के सेवन करने से वह अपने आसपास के फैल रहे पोलियो के वायरस को भी निष्क्रिय किया जा सकता है आइए हम जानते हैं कि आयुर्वेदिक नुस्खे से कैसे हम पोलियो की रोग को कम अर्थात खत्म कर सकते हैं आप सभी ने अमरबेल का नाम अवश्य सुना होगा अमरबेल एक औषधीय जड़ी बूटी है इसके सेवन करने से पुराने से पुराने गठिया पोलियो इत्यादि के रोग को जड़ से समाप्त किया जा सकता है अमरबेल को काट कर उसे पानी में उबालकर उसके रस का उपयोग आप अपने पोलियो से प्रभावित जगहों पर कर सकते हैं (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

इस औषधि के उपयोग से पोलियो गठिया या किसी भी दर्द को जड़ से खत्म किया जा सकता है पोलियो से पीड़ित रोगी को हमेशा एक ही अवस्था में नहीं बैठना चाहिए। और ना ही सोना चाहिए इन्हें अपने अवस्था को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए पोलियो से पीड़ित रोगी को हमेशा नरम बिछावन का उपयोग करना चाहिए जैसा कि मैंने आप सभी को पहले भी बताया है कि अभी तक के समय में पोलियो का कोई सफल इलाज नहीं आ पाया है इस कारण से आप सभी अपने बच्चों को पोलियो का दवा का सेवन अवश्य करवाएं ताकि बच्चे हमेशा पूरी जिंदगी पोलियो से मुक्त रह सके नवजात बच्चों को कम आयु में लगने वाले सभी तरह का टीकाकरण करवाएं ताकि बच्चे पूरी जिंदगी अपने आप को पोलियो से रोगमुक्त महसूस कर सकें (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

मैं आप सभी से यही कहना चाहूंगा। जब आए पोलियो की बारी, माता पिता निभाए अपनी जिम्मेदारी, पोलियो के 2 बूंद  अपने बच्चे को पिलाये, और अपने बच्चों को पोलियो रोग मुक्त बनाए

यदि आप सभी को मेरे द्वारा दी गई यह जानकारी पसंद आयी हो तो आप इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। इस जानकारी को अपने परिवार के बीच अपने दोस्तों के बीच अवश्य साझा करें ताकि उन सभी को पोलियो के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी का पता चल सके यदि आप पोलियो से संबंधित किसी प्रश्न को पूछना चाहते हैं या कुछ बताना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं कमेंट करने का विकल्प आपको इस पोस्ट के नीचे आसानी से प्राप्त हो जाएगा (पोलियो रोग क्या है पोलियो के कारण लक्षण और उपचार)

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