गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय

गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय

गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय

गठिया इंसानों के शरीर के अंदर होने वाला सबसे कष्टदायक और पीड़ादायक रोग माना जाता है। इस रोग में इंसान के शरीर के अंदर उपस्थित हड्डियों में जोड़ का दर्द होना शुरू हो जाता है। जोड़ों का दर्द इतना असहनीय होता है। कि कभी कभी इंसानों को इसको बर्दाश्त कर पाना बहुत मुश्किल होने लगता है। साधारण भाषा में यदि कहां जाए तो शरीर के अंदर उपस्थित सभी जोड़ों में अचानक से दर्द का उत्पन्न होना गठिया जैसे खतरनाक रोग के लक्षण माने जाते हैं। (गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय)

गठिया रोग के उपचार
गठिया रोग के उपचार करने के लिए सबसे पहले औषधि के निर्माण करने के लिए हमें तिल का तेल,लौंग,अदरक,दालचीनी,इलायची,लहसुन,तेजपत्ता,मेथी दाना,अजवाइन,कपूर नीलगिरी का तेल,ओर मोम की आवश्यकता होगी। यह सभी सामग्री आसानी से मिल जाने वाली वस्तु है।

आप किसी भी किराने की दुकान पर जाकर इन सभी सामग्री को एक साथ खरीद सकते हैं। आइये इसके मदद से औषधि के निर्माण करने की विधि को विस्तार से जानते हैं। सबसे पहले हमें 7 से 8 चम्मच तिल के तेल को एक साफ बर्तन में रख कर हल्की आंच पर गर्म करना है। (गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय)

तिल के तेल के गर्म हो जाने के बाद इस तेल में एक चम्मच दालचीनी के टुकड़े को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर डाल देना है। इसके बाद इसमें एक चम्मच अदरक के बारीक टुकड़े काट के डाल देना है। अदरक डालने के बाद इसमें एक चम्मच लॉन्ग को मिलाकर 2 से 3 मिनट तक हल्की आंच पर चलाते रहना है।

इसके बाद इसमें एक बड़ा चम्मच मेथी का दाना और एक बड़ा चम्मच लहसुन के बारीक टुकड़ों को काट के इसमें डाल देना है। इसके बाद एक बड़ी चम्मच इलायची को छिलके से हटा के छिलके और दानों को अच्छी तरह से मिलाकर इसमें डाल कर दो से 3 मिनट तक हल्की आंच पर चलाते रहना है। धीरे-धीरे हल्की आंच पर इन सभी चीजों को गर्म करने के कारण इनके रंगों में बदलाव आना शुरू हो जाएगा।

आप देखेंगे कि इन सभी वस्तुओं का रंग हल्का भूरे रंग में बदलने लगेगा 5 मिनट तक हल्की आंच पर चलाने के बाद इसमें एक चम्मच अजवायन को मिलाकर इसे और अच्छी तरह से चलाना है। इसके बाद इसमें दो से तीन तेज पत्ते को डालकर 5 से 7 मिनट तक और हल्की आंच पर लगातार चलाते रहना है।

गठिया रोग से पीड़ित रोगी को इस तेल का उपयोग करने से पहले एक चम्मच मोम को मिलाना है। इसके बाद अपने प्रभावित जगह पर एक दिन में तीन से चार बार उपयोग करना है। लगातार 6 से 7 दिन तक इस औषधीय तेल का उपयोग करने से गठिया जैसे रोग में काफी राहत महसूस होता है। और दर्द में कमी होना शुरू हो जाता है। (गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय)

गठिया के असहनीय दर्द को दूर करने के लिए हम केवल अदरक का उपयोग भी कर सकते हैं। अदरक के अंदर बहुत सारे योगी गुण मौजूद होते हैं। जो शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे रोगों को कम करने में हमारी मदद करता है। हालांकि गठिया के रोग को खत्म करने के लिए कई बार बाजारु दवाइयों का भी सेवन किया जाता है।

लेकिन बाजार से लाये गए रासायनिक दवाइयों का सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर गठिया के रोग को पूर्ण रूप से खत्म नहीं किया जा सकता हैं। साथ ही साथ ऐसे व्यक्ति जिनके शरीर के अंदर पहले से कोई अन्य रोग परेशान कर रहा हो और ऐसे में बाजारु दवाइयों के सेवन करने से शरीर के अंदर साइड इफेक्ट होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। शरीर के अंदर पुराने रोग को बढ़ने में काफी मदद मिल जाता है।

अतः हमें हमेशा प्राकृतिक और आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करना चाहिए। हालांकि प्राकृतिक और आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन करने से शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे रोगों को सही करने में कुछ समय लग जाता है। लेकिन आयुर्वेदिक और प्राकृतिक औषधियों के दवाइयों के उपयोग करने से हमारे शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे रोगों को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

गठिया रोग के कारण शरीर में उत्पन्न हो रहे दर्द को हल्दी के माध्यम से भी कम किया जा सकता है। हल्दी शरीर के अंदर गठिया के साथ साथ कई अन्य रोगों को जड़ से समाप्त करने की क्षमता रखता है। अतः ऐसे में हल्दी के सेवन करने से शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे गठिया रोग की समस्याओं को हमेशा के लिए जड़ से खत्म किया जा सकता है।

हल्दी का उपयोग हम रात्रि में दूध के साथ एक चम्मच हल्दी का पाउडर का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही साथ हल्दी का लेप बनाकर हम शरीर के ऊपर गठिया से प्रभावित जगह पर इस लेप को लगा सकते हैं। जिससे हमें काफी राहत प्राप्त होती है। गठिया रोग से पीड़ित मरीजों को तेल की मालिश करना भी अति आवश्यक है। क्योंकि शरीर के अंदर गठिया रोग में तेल की मालिश रक्त संचार को बढ़ाने में मदद करता है। (गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय)

शरीर के अंदर गठिया रोग होने का मुख्य कारण यूरिक एसिड को माना जाता है। ऐसे में यदि शरीर के अंदर यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा बढ़ रही हो। तो शरीर के अंदर गठिया रोग का प्रभाव बहुत ज्यादा और बहुत तेजी से फैलने लगता है। ऐसे में शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे। यूरिक एसिड को भी जड़ से समाप्त करने में भी हल्दी का महत्वपूर्ण भूमिका है। हल्दी के रोजाना सेवन करने से शरीर के अंदर यूरिक एसिड को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

गठिया रोग में मेथी के सेवन करना भी बहुत ज्यादा लाभप्रद साबित होता है। मेथी के सेवन करने के लिए मेथी के दाने को पीस के इसका अच्छी तरह से पाउडर बना लेना है और रोज सुबह रोजाना खाना खाने के आधे घंटे बाद गुनगुने पानी के साथ मेथी के पाउडर का सेवन करने से शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहा। गठिया रोग की समस्याओं को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है।

मेथी के साथ साथ लहसुन का सेवन करना भी गठिया के रोग के लिए बहुत ज्यादा लाभप्रद होता है। लहसुन के प्रतिदिन सेवन करने से गठिया रोग में काफी हद तक सुधार किया जा सकता है। (गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय)

सुबह के समय में कच्चे लहसुन की दो तीन कलियां को लेकर इसके छिलके हटाकर पानी के साथ सेवन करने से शरीर के अंदर यूरिक एसिड की मात्रा को कम किया जा सकता है। और यदि शरीर के अंदर यूरिक एसिड की मात्रा कम होने लगे तो गठिया रोग में काफी राहत महसूस होता है।

पानी का अधिक से अधिक सेवन करने से यूरिक एसिड को काम किया जा सकता है।गठिया जैसे खतरनाक रोग में भी ज्यादा पानी का सेवन फायदेमंद होता है। पानी के ज्यादा सेवन करने से गठिया रोग के साथ साथ दिल की बीमारी,मधुमेह की समस्या को भी शरीर के अंदर रोकने के उपयुक्त माना जाता है। ऐसे में गठिया रोगी को ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी का सेवन करना चाहिए।

गठिया रोगी को अपने वजन को नियंत्रण में रखना चाहिए। ऐसे में बाहर का खाना खाने के सेवन करने से शरीर में कई परेशानियां उत्पन्न होती है। इसी कारण से गठिया रोगी को हमेशा संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए और अपने वजन को कंट्रोल में रखना अति आवश्यक है। (गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय)

साथ ही साथ गठिया रोगी को विटामिन सी से युक्त भोज्य पदार्थों का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करना चाहिए। जैसे आंवले का जूस नारंगी,संतरा इत्यादि के सेवन करने से शरीर के अंदर यूरिक एसिड में काफी राहत महसूस होता है।

विटामिन सी के सेवन से गठिया रोग की जड़ से खत्म किया जा सकता है गठिया अर्थराइटिस और संधि सोग जैसे खतरनाक रोग के उपचार के लिए बथुआ का उपयोग भी करना अति आवश्यक होता है। बथुआ कम दामों पर प्राप्त होने वाला एक बहुत ही अच्छी और प्राकृतिक औषधि मानी जाती है

बथुआ के रोजाना सेवन करने से आपके शरीर के अंदर बढ़ रहे यूरिक एसिड,गठिया,अर्थराइटिस जैसे रोगों की समस्याओं को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सकता है। साथ ही साथ यदि बथुआ का उपयोग हम रोजाना अपने भोजन में किसी प्रकार से करते हैं। (गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय)

यह  हमारे शरीर के अंदर दिल की बीमारी रक्त संबंधित विकार,किडनी संबंधित विकार,आंख संबंधित विकार,पेट संबंधित विकारों को भी खत्म करने में हमारी मदद करता है। हालांकि बथुआ हमेशा नहीं मिलने वाला प्राकृतिक औषधि माना जाता है। लेकिन बथुए के सीजन में हम इसे आसानी से कम दामों पर प्राप्त कर सकते हैं।

गठिया रोग से ग्रसित रोगी को अधिक से अधिक आराम करना अति आवश्यक है। ज्यादा भागदौड़ करना इनके सेहत के लिए और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। साथ ही साथ भोजन में खट्टी वस्तुओं का इस्तेमाल बिल्कुल नही करना चाहिए। जैसे कच्चा आम,मक्खन,पनीर,दही,इमली इत्यादिओं के सेवन करने से गठिया से पीड़ित रोगी के शरीर के अंदर गठिया का विकार और ज्यादा प्रभाव फैलाना शुरू कर देता है।

गठिया और अर्थराइटिस के रोग को जड़ से खत्म करने के लिए ककरी,खीरा,तरबूज में से किसी भी एक फल का एक गिलास जूस प्रतिदिन सेवन करना चाहिए। रोजाना दो से तीन गिलास जूस का सेवन करने से शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे यूरिक एसिड की समस्या के साथ-साथ अर्थराइटिस रोग और गठिया की समस्याओं को शरीर से हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है।

गठिया और अर्थराइटिस केरोग में पपीते का भी बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। पपीते के अंदर मौजूद योगिक गुण पेट से जुड़ी समस्या और ह्रदय विकार के साथ-साथ गठिया अर्थात अर्थराइटिस जैसी समस्याओं को भी सही करने में मदद करता है। पपीते के सेवन करने के लिए हमें इस औषधि का निर्माण करना अति आवश्यक है। (गठिया (Arthritis) संधि शोथ के उपचार करने के उपाय)

इस औषधि के निर्माण करने के लिए हमें एक साफ पतीला लेना है। इसमें 1 लीटर साफ पानी को उबालना है। इसके बाद एक मध्यम आकार का पपीता लेकर इसे अच्छी तरह से छिल के छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। ध्यान रहे कि इसमें पपीते का बीज बिल्कुल ना रहे। अच्छी तरह से पपीते को साफ कर कर छोटे-छोटे टुकड़े काट ले और जब पानी पूरी तरह से अच्छे से उबल रहा हो।

तो इन छोटे-छोटे टुकड़े को इस पानी में डाल देना है इसके बाद इस पानी को और अच्छी तरह से 5 मिनट तक उबालना है। पानी में उबाल आ जाने के बाद इसे ठंडे होने के लिए छोड़ देना है। इस तरह से हमारा औषधि तैयार हो चुका है। इस पानी को हम पुरे दिन सेवन कर सकते हैं। इस पानी के सेवन करने से शरीर के अंदर बढ़ रहे यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है। साथ ही साथ शरीर के जोड़ों में उत्पन्न हो रहे दर्द में भी काफी राहत महसूस होता है।

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