गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय

गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय

गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय

गठिया रोग जिसे हम आर्थराइटिस के नाम से भी जानते हैं। मुख्यतः यह रोग हमारे शरीर के अंदर हमारे द्वारा किए गए भोजन के सेवन पे निर्भर करता है। जब भी हम अपने द्वारा किसी भोजन का सेवन करते हैं तो भोजन में उपस्थित कई अन्य तरह के तत्व हमारे शरीर को प्राप्त होते हैं। हमारे द्वारा किए गए भोजन से प्राप्त तत्वों में से एक यूरिक एसिड भी आता है यूरिक एसिड हमारे शरीर के अंदर खून के माध्यम से किडनी से रिफाइंड होकर मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाता है हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड हमारे द्वारा किए गए भोजन से प्राप्त होता है। (गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

साधारण भाषा में कहा जाए तो हमारे द्वारा किए गए भोजन से हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड की प्राप्ति होती है। और यूरिक एसिड हमारे शरीर के अंदर प्राप्त किए गए तत्व के साथ रक्त से मिलकर हमारे किडनी से होते हुए मूत्राशय द्वारा बाहर निकल जाता है। लेकिन यदि हमारे द्वारा किए गए भोजन से ज्यादा मात्रा में यूरिक एसिड हमारे शरीर के अंदर बन रही है। और यह पूर्ण रूप से हमारे शरीर के बाहर नहीं निकल पा रही है। तो हमारे शरीर में ज्यादा मात्रा में यूरिक एसिड के जमा हो जाने से कई तरह की परेशानियां उत्पन्न होने लगती है। शरीर के अंदर ज्यादा मात्रा में यूरिक एसिड के बढ़ जाने के कारण ही गठिया जैसे खतरनाक रोग को जन्म होता है। (गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

गठिया रोग एक बहुत ही दर्दनाक और पीड़ादायक रोग माना जाता है। यह एक स्वस्थ इंसान को अपाहिज जिंदगी जीने पर मजबूर कर देती है। इसी कारण से गठिया रोग को बहुत गंभीर समस्या मानी जाती है। आजकल के समय में गलत खानपान और भोजन में उचित मात्रा में उपयुक्त तत्व प्राप्त ना होने के कारण हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है। और शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा बढ़ जाने के कारण गठिया जैसे खतरनाक रोग का लक्षण शुरू हो जाता है। गठिया रोग के कुछ प्रमुख लक्षण है। जैसे शरीर के जोड़ों में दर्द का शुरू हो जाना पैरों की उंगलियों में सूजन का आना गठिया रोग के लक्षण माने जाते हैं। गठिया रोग में कई अन्य लक्षण भी आ सकते हैं।

जैसा कि मैंने आप सभी को पहले बताया है। कि गठिया रोग के लक्षण में इंसान के शरीर के जोड़ों में दर्द होना शुरू हो जाता है। पैरों की उंगलियों में सूजन आ जाती है। साथ ही साथ आपके शरीर में पैर के तलवे में बार-बार सूजन का आना भी शुरू हो जाता है। आप सभी को यह जानकर बहुत आश्चर्य होगा कि यदि शरीर के अंदर यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है। तो यूरिक एसिड के ज्यादा मात्रा में हमारे शरीर में बढ़ जाने के कारण मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारियों का भी लक्षण दिखाई देने लगता है। साथ ही साथ यूरिक एसिड के ज्यादा मात्रा में हमारे शरीर में बढ़ जाने से किडनी में पत्थर इत्यादि की भी समस्या उत्पन्न होने लगती है।

शुरुआती दौर में शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है तो इसके लक्षण का अंदाजा लगा सकते हैं। यदि हमारे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ रही है। तो हमारे शरीर के जोड़ों में चुभन महसूस होने लगता है। यह चुभन धीरे धीरे दर्द में बदल जाता है। और यह आगे जाकर गठिया के रोग का कारण बन सकता है। यदि यूरिक एसिड के बढ़ने को हम समय से उपचार करे। तो हम कई तरह के गंभीर समस्या से बच सकते हैं। यूरिक एसिड एक स्वस्थ इंसान के शरीर के लिए बहुत ज्यादा घातक साबित होता है। यह ना केवल गठिया जैसे खतरनाक रोग को जन्म देता है। बल्कि इसके साथ-साथ यह किडनी की कई तरह की समस्याओं को जन्म देने में भी सफल साबित होता है। मधुमेह जैसी गंभीर समस्या भी हमारे शरीर के रक्त के अंदर अम्लता अर्थात यूरिक एसिड के बढ़ने के कारण ही होता है। (गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

जब हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में बढ़ जाती है। तो यह शरीर के उन जगहों पर जमा होने लगती है। जहां हमारे शरीर का जोड़ होता है। जोड़ कहने का अर्थात यह है की घुटने और हाथ की जॉइंट इन सभी जगहों पर भी यूरिक एसिड जमा होने लगता है। और आगे चलकर यह गठिया के रोग का लक्षण और गठिया का रोग साबित हो जाता है। यदि ज्यादा मात्रा में जोड़ों के पास यूरिक एसिड जमा होने लगती है। तो हड्डियों के आकार को भी बदलने में सफल साबित होने लगता है। ज्यादातर देखा जाता है। कि एक गठिया पीड़ित के रोगी के हड्डियों का ढांचा पहले की अपेक्षा ज्यादा बढ़ा और टेढ़ा होना शुरू हो जाता है। सुबह के उठने के बाद यदि आपके शरीर में जोड़ों की दर्द हो रही है। तो इसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए ज्यादातर लोग इसे थकान का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

लेकिन यह गठिया के रोग के लक्षण हो सकते हैं। क्योंकि जब इंसान सोकर उठता है। तो उसका शरीर पूरे आराम की अवस्था में होता है। इस अवस्था में हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड हमारे पूरे शरीर में फैल जाता है। और अचानक से सुबह सोकर उठने के बाद यह हमें जोड़ कि दर्द देना शुरू कर देता है। ज्यादातर लोग इसे थकान की दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि हम ऐसे लक्षण को नजर अंदाज करते हैं। तो यह आगे जाकर गठिया के रोग साबित हो जाता है। यदि हम शुरुआती दौर में गठिया के लक्षणों को नजरअंदाज ना करें। और इन के लिए उपयुक्त दवाइयों का सेवन करते हैं तो गठिया के रोग को जड़ से खत्म करने में सफल साबित हो सकते हैं। (गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

शुरुआती दौर में किया गया उपचार गठिया को जड़ से खत्म करने में सफल हो साबित हो सकता है। तो आइए हम जानते हैं कि गठिया के रोग को कैसे जड़ से खत्म कर सकते हैं। गठिया के रोग के उपचार के लिए मैं आपको कुछ घरेलू नुस्खे का उपयोग विस्तार से बता रहा हूं। इसके उपयोग से आप अपने शरीर में हो रहे गठिया के लक्षण और गठिया के रोग को हमेशा के लिए अपने शरीर से खत्म कर सकते हैं। ऐसा देखा जाता है कि शरीर में थकावट और दर्द के कारण ज्यादातर इंसान दर्द को रोकने वाले दवाइयों का सेवन करते हैं। जो शरीर में कई अन्य तरह की बीमारियों को जन्म देता है। यदि गठिया के रोग में आप दर्द की दवाई का सेवन करते हैं। तो यह आपकी किडनी पर बहुत गहरा और बुरा प्रभाव डालता है।

रासायनिक दवाइयों के सेवन करने से हमारे रोग कुछ देर के लिए तो सही हो जाते हैं। लेकिन इसके साथ-साथ हमारे शरीर में कई अन्य रोग जन्म ले लेते हैं। अतः हमें हमेशा कोशिश करना चाहिए कि हमारे शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे रोग के लक्षण को आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपचार के द्वारा ही सही करें। आइये अब हम जानते हैं कि कैसे हम घरेलू नुस्खे की औषधि के उपयोग से अपने शरीर के अंदर हो रहे यूरिक एसिड की बढ़ोतरी अथवा गठिया रोग के लक्षण और गठिया रोग के बीमारी को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं। पहले औषधि के निर्माण के लिए हमें लौकी काली मिर्च और अजवाइन की जरूरत पड़ेगी। और इस औषधि के निर्माण के लिए सबसे पहले हमें अजवाइन को हल्का भूनकर इसका पाउडर बना लेना है। (गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय
गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय

इसके बाद लौकी को अच्छी तरह से धोकर और इसके छिलके को हटाकर इसका एक गिलास जूस तैयार कर लेना है। तैयार किए गए लौकी के जूस में एक चम्मच अजवाइन के पाउडर को मिलाना है। अच्छी तरह से अजवाइन के पाउडर को मिला लेने के बाद इसमें हम अपने स्वादानुसार दो चुटकी काला नमक डाल सकते हैं। काला नमक डालने के बाद इसे अच्छी तरह चम्मच से मिला लेना है। इस तैयार जूस का रोजाना हमें सुबह नाश्ते के समय में सेवन करना है। 7 से 8 दिन लगातार इस जूस के सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर बढ़ रहे यूरिक एसिड और गठिया के लक्षण या गठिया के रोग को हमेशा के लिए जड़ से खत्म किया जा सकता है। जैसा कि आप सभी को पता है लौकी एक प्राकृतिक फल है।

इसके सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर किसी भी तरह का साइड इफेक्ट होने की कोई संभावना नहीं है। आप निश्चिंत होकर इस नुस्खे का उपयोग अपने शरीर के अंदर बढ़ रहे यूरिक एसिड और गठिया के रोग को जड़ से खत्म करने के लिए कर सकते हैं। आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार यूरिक एसिड हमारे शरीर के अंदर सबसे विषैले पदार्थ में गिना जाता है। यूरिक एसिड हमारे शरीर के अंदर गठिया जैसे रोग का लक्षण के साथ साथ कई तरह की बीमारियों को भी उत्पन्न करने में सफल साबित होता है। और हमारे शरीर के अंदर विषैले पदार्थ को बाहर निकालने के लिए पानी एक बहुत अच्छा माध्यम है। हम जितनी मात्रा में अधिक पानी का सेवन करते हैं। हमारे शरीर से विषैले पदार्थ इतनी आसानी से और जल्द हमारे मूत्र के माध्यम से शरीर के बाहर निकल जाते हैं। (गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

लौकी के जूस के साथ-साथ आप लौकी को अन्य प्रकार के उपयोग से भी अपने शरीर के अंदर बढ़ रहे यूरिक एसिड को जड़ से खत्म कर सकते हैं। आप लौकी की सब्जी का सेवन कर सकते हैं। लौकी में मौजूद विटामिन बी और विटामिन सी हमारे शरीर से यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने में सफल साबित होता है। लौकी के सेवन करने से सबसे अच्छी बात यह मानी जाती है। कि यह पुराने से पुराने गठिया के रोग को भी जड़ से खत्म करने में सफल साबित होता आ रहा है। लौकी के अंदर मौजूद योगिक गुण के कारण गठिया जैसे खतरनाक रोग में बहुत ज्यादा राहत महसूस होता है। आइए हम अगले नुस्खे के बारे में जानते हैं। आप सभी ने गिलोय के जूस के बारे में अवश्य सुना होगा। गिलोय का जूस हमारे शरीर के अंदर ना केवल गठिया के रोग को सही करने के लिए कारगर साबित होता है।

बल्कि इसके सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर कई तरह के बीमारियों को भी जड़ से खत्म किया जा सकता है। यूरिक एसिड और गठिया जैसे खतरनाक रोग के सुधार करने के लिए गिलोय का जूस पुराने समय से ही उपयोग होता आ रहा है। गिलोय के जूस का सेवन गठिया के मरीज के लिए रामबाण औषधि साबित हो सकती है। साथ ही साथ जिन लोगों को गठिया के रोग के कारण पूरे शरीर में दर्द होता आ रहा है। उनके लिए गिलोय का जूस बहुत ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। गिलोय के जूस के सेवन करने से शरीर के अंदर उत्पन्न हो रहे गठिया रोग के दर्द को जड़ से खत्म किया जा सकता है। आपको यह जानकर बड़ी हैरानी होगी कि गिलोय का जूस आपको किसी भी आयुर्वेदिक दुकान पर आसानी से प्राप्त हो जाएगा। और गिलोय के जूस की कीमत भी बहुत नाम मात्र है। आप आसानी से इसे किसी भी आयुर्वेदिक दुकान से प्राप्त कर सकते हैं। (गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय
गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय

गिलोय के 10 से 15 दिन लगातार सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड और गठिया के रोग से उत्पन्न हो रहे दर्द में काफी सुधार मिलता है। आइए हमारे अगले नुस्खे के बारे में जानते हैं। जिस के उपयोग से हम अपने शरीर के अंदर उपस्थित यूरिक एसिड और गठिया के रोग को जड़ से खत्म करने में सफल साबित हो सकते हैं। आप सभी ने एलोवेरा का नाम अवश्य सुना होगा। एलोवेरा एक ऐसा प्राकृतिक औषधि है। जो अभी के समय में बहुत जोर शोर से उपयोग होता आ रहा है। एलोवेरा एक ऐसी औषधि है। जिस के उपयोग से हम अपने शरीर के अंदर अन्य तरह की बीमारियों को सही करने में मदद मिलती हैं। एलोवेरा के जूस के सेवन करने से हमारे शरीर के अंदर जमा हो रहे यूरिक एसिड में काफी राहत महसूस होता है।(गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

एलोवेरा के सेवन करने से यह हमारे शरीर के अंदर जमा हो रहे यूरिक एसिड को तो सही करता ही है। साथ ही साथ यह एलोवेरा हमारे शरीर के अंदर गठिया के रोग को भी सही करने में कारगर साबित होता है। साथ ही साथ यह दिल की बीमारी मधुमेह जैसी गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने में सफल साबित होता है। यदि किसी इंसान के शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में बढ़ रही है। तो ऐसे इंसान को अपने शरीर को पूरी तरह हाइड्रेटेड रखना अति आवश्यक है। अपने शरीर को पूरे समय हाइड्रेट रखने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करना भी जरुरी होता है। सुबह नाश्ते के समय हम एलोवेरा के जूस का सेवन कर सकते हैं। साथ ही साथ आप एलोवेरा का जूस का सेवन के साथ आंवले के जूस का भी सेवन अवश्य करें। (गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय
गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय

आंवले के जूस में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। जो हमारे शरीर के अंदर उपस्थित यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने में सफल साबित होता है। अतः आप सुबह नाश्ते के समय एलोवेरा और आंवले का जूस का सेवन अवश्य करें। यह हमारे शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। हमारे शरीर में यूरिक एसिड ज्यादा मात्रा में उपस्थित है। और हम पानी का सेवन कम मात्रा में करते हैं। तो यह हमारे शरीर के अंदर यूरिक एसिड को दोगुनी रफ्तार से बढ़ने में मदद करता है।

हमें पानी का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करना है। जिससे हमारे मुत्राशय के माध्यम से यूरिक एसिड ज्यादा से ज्यादा मात्रा में हमारे शरीर से बाहर निकल सके। ज्यादा पानी पीने के कई सारे फायदे हैं। यह ना केवल हमारे शरीर के अंदर उपस्थित यूरिक एसिड को हमारे शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। बल्कि हमारे शरीर के अंदर उपस्थित किसी भी तरह के विषैले पदार्थ को मूत्र के माध्यम से बाहर निकाल देता है। (गठिया रोग के शुरुआती लक्षण और इसके उपचार के उपाय)

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